नगर निगम की हाउस की मीटिंग में कई बार उठा चुका है मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। मोहाली में लावारिस कुत्तों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। आए दिन कुत्तों के काटने के मामले अस्पताल में पहुंच रहे हैं। शहर की सड़कों-गलियों में कुत्तों के झुंड देखे जा सकते हैं। ग्यारह माह में जिले में डॉग बाइट के करीब 6462 केस सामने आ चुके हैं। इन हालात में मोहाली डेंजर जोन में शामिल हो चुका है। जिले के भीतर शहरी एरिया ज्यादा है, इस कारण लावारिस कुत्तों के काटने के मामले भी बढ़ रहे हैं।
जिला प्रशासन की ओर से पहले ही पशु पालन विभाग और निगमों को मिलकर समस्या से निपटने के लिए कहा गया, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। मोहाली नगर निगम की हाउस की मीटिंग में कई बार मामला पहले ही गूंज चुका है। 2024 में लावारिस कुत्तों के लोगों को काटने की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जिला अस्पताल में आने वाले डॉग बाइट के मामलों में पाया गया है कि 30 फीसदी मामलों में यह लावारिस कुत्ते दोपहिया वाहन चालकों और साइकिल चालकों के पीछे पड़े और उनको काट खाया। साथ ही कई मामले मोहाली के पार्कों के हैं, जहां खेलते हुए बच्चों को लावारिस कुत्तों ने काटा है। खरड़ के कई इलाकों में लावारिस कुत्तों के मामले तेजी के साथ बढ़ रहे हैं।
कुत्ते के काटने पर जख्म को साफा करें
इस संबंधी नर्सिंग अफसर बॉबी शर्मा ने बताया कि जब कभी भी कुत्ता काटे तो उस शरीर के अंग को डिटॉल या साबुन से अच्छे से धो लेना चाहिए। इसके बाद तुरंत नजदीकी डॉक्टर के पास जाकर टीका लगवाना चाहिए और दवा लेनी चाहिए।
लावारिस कुत्तों की संख्या कम करने के लिए नगर निगम गंभीरता से काम कर रहा है। इसके साथ ही निगम एनिमल बर्थ कंट्रोल प्रोग्राम भी चला रहा है। -डॉ. संजीव कंबोज, मेडिकल अफसर, नगर निगम
2024 में दर्ज हो चुके डॉग बाइट के केस
महीने डॉग बाइट केस की संख्या
जनवरी 580
फरवरी 557
मार्च 645
अप्रैल 510
मई 603
जून 590
जुलाई 517
अगस्त 468
सितंबर 432
अक्तूबर 403
नवंबर 496
दिसंबर 661