पानी के ऊंचे रेट के खिलाफ भूख हड़ताल
कई इलाकों के पार्षदों और आरडब्ल्यूए के सदस्यों ने शुरू किया संघर्ष
15 दिन में मांगें पूरी नहीं हुईं तो फेज-7 की लाइटों पर होगा संघर्ष
संघर्ष में धार्मिक स्थानों की कमेटियां भी हुईं शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। शहर के नए सेक्टरों में गमाडा द्वारा वसूले जा रहे पानी के ऊंचे रेट का मामला गर्मा गया है। वीरवार को विभिन्न सेक्टरों के लोग, धार्मिक स्थानों की कमेटियां और पार्षद गमाडा के खिलाफ संघर्ष की राह पर आ गए। उन्होंने पुडा भवन के बाहर भूख हड़ताल की और चेतावनी दी कि 15 दिन में उनकी सुनवाई नहीं हुई तो फेज-7 की लाइटों पर बैठकर प्रदर्शन करेंगे। लोगों का कहना था कि वह इस संघर्ष को जन आंदोलन बनाएंगे और चुनाव में सत्ताधारी दल को सबक सिखाएंगे।
सेक्टर-66 से 69 व सेक्टर-76 से 80 के लोग संघर्ष में शामिल हुए। लोगों ने ज्वाइंट एक्शन कमेटी के बैनर तले धरना दिया। पार्षद व कमेटी के संयोजक बॉबी कंबोज, जसबीर कौर अतली, रजनी गोयल, परमिंदर सिंह तिसंबली, सुरिंदर रोड, परविंदर सोहाना व सतबीर सिंह धनोआ, सेक्टर-79 की आरडब्ल्यूए के प्रधान एमपी सिंह व लाभ सिंह लोंगिया भूख हड़ताल पर बैठे। इस दौरान परमजीत सिंह काहलों, जत्थेदार करतार सिंह तिसंबली फूलराज सिंह, रजिंदर कौर कुंभड़ा, गुरमुख सिंह सोहल व कमलजीत सिंह रूबी, अरुण शर्मा, अशोक झा, आरपी शर्मा, गुरमीत कौर, डिप्टी मेयर मनजीत सिंह सेठी, मनमोहन सिंह लंग, नंबरदार संगत सिंह समेत कई पार्षद सहयोग के लिए पहुंचे। लोगों का आरोप है कि इस दौरान विभाग के मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा व अन्य अधिकारी पुडा भवन में मौजूद रहे लेकिन उनकी सुनवाई नहीं की।
ऐसे शुरू हुआ था संघर्ष
नेताओं ने बताया कि गमाडा के अधीन आने वाले सेक्टरों में बढ़ाए गए पानी के रेट के खिलाफ स्व. जत्थेदार बलजीत सिंह कुंभड़ा की अगुवाई में संघर्ष शुरू किया गया था। वहीं, अब उनके इस दुनिया से जाने के बाद उस संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
शहर में दो तरह के पानी के रेट
शहर में पानी के दो तरह के रेट हैं। निगम के अधीन आने वाले एरिया में एक हजार लीटर का रेट 1.80 रुपये है जबकि गमाडा द्वारा लोगों से करीब नौ रुपये वसूले जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि महंगे पानी से उनके घर का बजट बिगड़ गया है। कई बार इस बारे में विभाग के मंत्री से लेकर उच्च अधिकारियों से बातचीत कर चुके हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।