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डेराबस्सी में स्वाइन फ्लू ने दी दस्तक

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डेराबस्सी में स्वाइन फ्लू से महिला की मौत
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गांव इब्राहिमपुर की 60 वर्षीय महिला की चंडीगढ़ सेक्टर-32 अस्पताल में उपचार के दौरान हुई मौत
शक्ति नगर निवासी एक ओर व्यक्ति को स्वाइन फ्लू की पुष्टि, चंडीगढ़ सेक्टर-16 में चल रहा इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
डेराबस्सी। क्षेत्र में स्वाइन फ्लू ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। डेराबस्सी में बुधवार को स्वाइन फ्लू से नजदीकी गांव इब्राहिमपुर निवासी 60 वर्षीय महिला सुरिंदर कौर पत्नी अवतार सिंह की मौत हो गई जबकि एक व्यक्ति को स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हुई है। व्यक्ति को चंडीगढ़ सेक्टर 16 अस्पताल में दाखिल करवाया गया है।
सेहत विभाग से मिली जानकारी अनुसार मृतका सुरिंदर कौर कई दिन से बीमार चल रही थी। कुछ दिन पहले ही उन्हें चंडीगढ़ सेक्टर-32 अस्पताल में दाखिल करवाया था। इलाज के दौरान आज उनकी मौत हो गई। डेराबस्सी में स्वाइन फ्लू से यह पहली मौत है जिसके बाद में सेहत विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। विभाग की टीम ने गांव में जाकर परिवार के सदस्यों की जांच करते हुए जरूरी दवा दी। इसके अलावा शक्ति नगर निवासी एक 46 वर्षीय व्यक्ति को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है जिसका चंडीगढ़ सेक्टर-16 में इलाज चल रहा है।
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सिविल अस्पताल की एसएमओ डा. संगीता जैन ने कहा कि आज चंडीगढ़ सेक्टर 32 से उक्त महिला की मौत स्वाइन फ्लू के साथ होने की पुष्टि की गई है। उन्होंने कहा कि जानकारी मिलने बाद में विभाग की टीम ने गांव जाकर महिला के परिवार के पांच सदस्यों की जांच की है जिनमें से एक को सिर्फ खांसी थी बाकी बिल्कुल ठीक पाए गए। परिवार के सदस्यों को एंटी फ्लू दवा दे दी है।

हाथ मिलाने की जगह हाथ जोड़ने की सलाह
सेहत विभाग ने लोगों से भीड़भाड़ वाले इलाके में जाने से परहेज करने और यदि किसी व्यक्ति को खांसी, जुकाम या छींकें हैं और उससे तकरीबन एक मीटर की दूरी बनाकर रखने को कहा है। इस मौसम में लोगों के साथ हाथ मिलाने की जगह दूर से हाथ जोड़ने को ज्यादा प्राथमिकता देने की सलाह दी।
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इलाका वासियों से की अपील
डा. संगीता जैन ने इलाका वासियों को अपील की कि उन्हें इस बीमारी से डरने की जरूरत नहीं बल्कि इसका समय पर पता लगने पर पूरा इलाज डेराबस्सी के सिविल अस्पताल में मौजूद है। किसी भी मरीज को खांसी, आंखों में पानी, सांस लेने में तकलीफ होने पर अस्पताल में डॉक्टरों को दिखाने की सलाह दी है। मामलों में ढील बरतना जानलेवा साबित हो सकता है। स्कूल जाने वाले बच्चों के परिजनों को सलाह दी कि वह घर आकर अच्छी तरह हाथ-मुंह धोएं। अस्पताल में स्वाइन फ्लू का अलग वार्ड बनाने के अलावा आशंकित मरीजों को फ्लू विरोधी दवा दी जा रही है। ओपीडी में आने वाले मरीजों में इस बीमारी के लक्षण ढूंढे जा रहे हैं।

कैप्शन -सेहत विभाग की टीम गांव इब्राहिमपुर में मृतक औरत के परिवार की जांच करते हुए।
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