गमाडा लोगों व कालोनाइजर के लिए की अनूठी पहल
लोगों की जागरूकता के लिए आयोजित करेगा स्पेशल कैंप
काफी समय से इलाके लोगों को उठानी पड़ रही थी समस्या
अमित शर्मा
मोहाली। लोगों को प्लॉटों व कॉलोनियों को रैगुलर करवाने के काम में किसी भी तरह की कोई दिक्कत न आए। इस काम के लिए अब ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथारिटी (गमाडा) ने पहल की है। गमाडा ने इस संबंधी अब जागरूकता कैंप लगाने का फैसला लिया है। यह कैंप पुडा में सोमवार को आयोजित किया जाएगा। इसके लिए गमाडा की तरफ से सारी तैयारी कर ली गई है। साथ ही लोगों से सहयोग की अपील की गई है।
जानकारी के मुताबिक पंजाब हाउसिंग एंड अर्बन डिपार्टमेंट की तरफ से प्लॉटों व कालोनियों को रैैगुलर करवाने संबंधी एक विशेष पालिसी बनाई है। वहीं, सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि इसके बाद लोगों को दोबारा प्लॉटों व कालोनियों को रैगुलर करवाने संबंधी मौका नहीं दिया जाएगा, लेकिन इसी बीच गमाडा के ध्यान में आया है कि लोगों को इस संबंधी उचित जानकारी नहीं है। बैंकों आदि में जाकर भी लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। यह मुद्दा अधिकारियों के समक्ष उठाया गया, जिसके बाद जागरूकता कैंप लगाने का फैसला लिया गया है। गमाडा अधिकारियों के मुताबिक वर्कशॉप में प्लॉटों व कालोनियों को रैैगुलर करवाने संबंधी प्रक्रिया बारे लोगों को विस्तार से बताया जाएगा। लोगों को समझाया जाएगा कि उन्हें इस प्रक्रिया के तहत कौन से दस्तावेज लगाने होंगे। इस संबंधी सारे सवालों के जवाब विभाग की तरफ से दिए जाएंगे। हालांकि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्लॉटों व कॉलोनियों के रेगुलाइजेशन संबंधी सारी जानकारी विभाग के अमले व अथारिटी को दी जा रही है।
सेवा केंद्रों व बैंकों के करवा सकते हैं रैैगुलर
पंजाब हाउसिंग एंड अर्बन डिपार्टमेंट से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में स्थित सेवा केंद्रों व एचडीएफसी बैंक के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। बैकों के माध्यम से आवेदन बिलकुल फ्री हो रहा है। जबकि सेवा केंद्रों में इसके लिए फीस रखी गई है। इसके अलावा लोगों इस संबंधी ऑन लाइन भी आवेदन कर सकते हैं। पुडा व गमाडा की वेबसाइट पर इस संबंधी लिंक दिया गया है।
अब तक एक हजार से अधिक आए आवेदन
पुडा से मिली जानकारी के मुुताबिक अब तक प्लॉटों व कॉलोनियों को रैगुलर करवाने के लिए एक हजार से अधिक आवेदन आ चुके हैं। वहीं, इस काम की सीधे विभाग के मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा की तरफ से सीधे मानीटरिंग की जा रही है। वह हर हफ्ते विभाग से इस संबंधी रिपोर्ट लेते हैं, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाती है।