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Mohali News: उत्कृष्ट योगदान के लिए 416 को मिला अवाॅर्ड

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मोहाली। फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स एंड एसोसिएशन इन पंजाब (एफएपी) नेशनल अवाॅर्ड का तीसरा संस्करण चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी घड़ूआं में संपन्न हुआ। अंतिम दिन निजी स्कूलों, शिक्षकों और प्रिंसिपलों को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों और योगदान के लिए सम्मानित किया गया। एफएपी पुरस्कारों के समापन समारोह की अध्यक्षता भारत सरकार के विदेश एवं शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. राजकुमार रंजन सिंह ने की। एफएपी नेशनल अवार्ड्स के दूसरे दिन प्रिंसिपलों, स्कूलों और शिक्षकों को कुल 416 अवाॅर्ड्स प्रदान किए गए। इनमें 364 शिक्षक, 26 प्रिंसिपल और 26 स्कूल शामिल थे। 337 शिक्षकों को इनोवेटिव टीचिंग श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनमें से 281 पुरस्कार विजेता पंजाब के निजी स्कूलों से थे जबकि पुरस्कार प्राप्त करने वाले 56 निजी स्कूल शिक्षक पूरे भारत से थे। 27 शिक्षकों को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार मिला। इनमें पंजाब के 22 शिक्षक और अन्य राज्यों के पांच शिक्षक शामिल हैं। यूनिक प्रैक्टिस अवार्ड्स श्रेणी में निजी क्षेत्र के 26 स्कूलों और 26 प्रिंसिपलों को 52 पुरस्कार प्रदान किए गए। इनमें से 42 पुरस्कार विजेता पंजाब से और 10 अन्य भारतीय राज्यों से थे।
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देश में दुनिया की सबसे अधिक युवा आबादी : डॉ. रंजन

डॉ. राजकुमार रंजन ने कहा कि भारत में दुनिया की सबसे अधिक युवा आबादी है और शिक्षा उन्हें उनकी वृद्धि और विकास के अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में दुनिया का सबसे बड़ा सुधार बन चुके एनईपी की मुख्य विशेषता यह है कि यह एक ओर जहां छात्रों को बहु-विषयक शिक्षा प्राप्त करने के लिए विकल्प प्रदान करता है, वहीं दूसरी ओर यह भारत के युवाओं को भविष्य के लिए भी तैयार करती है। एनईपी उभरती प्रौद्योगिकियों पर जोर देती है।
शिक्षकों का मनोबल बढ़ा : डॉ. धुरी

एफएपी के अध्यक्ष डॉ. जगजीत सिंह धुरी ने कहा कि पंजाब राज्य में स्कूली शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर पढ़ने वाले कुल छात्रों में से लगभग 55 प्रतिशत छात्र निजी स्कूलों में हैं इसलिए निजी स्कूल राज्य में विशेषकर छात्राओं के सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) में सुधार लाने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. मनप्रीत सिंह मन्ना ने कहा कि एफएपी पुरस्कार से शिक्षकों का मनोबल बढ़ाया जा रहा है।
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ये रहे मौजूद

इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल कंवल जीत सिंह ढिल्लों, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, वाईएसएम, वीएसएम सुश्री अमरजीत कौर दलम, उप सचिव अकादमिक योजना शाखा -पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड, प्रो. (डॉ.) डेविड वाटर्स, विदेशी परिसरों और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा (टीएनई) के अकादमिक निदेशक, डॉ. कुलवंत सिंह, वैश्विक राजदूत विश्व कैंसर देखभाल डॉ. (प्रो.) आरएस बावा, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के प्रो-चांसलर, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. मनप्रीत सिंह मन्ना व एफएपी के अध्यक्ष डॉ. जगजीत सिंह धुरी मौजूद थे।
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