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सड़क हादसे रोकने की कवायद.. मोहाली में शुरू होगा थ्री डी स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम

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प्रेस कांफ्रेस में जानकारी देते एडीजीपी ट्रैफिक शरद सत्य चौहान। - फोटो : MOHALI
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मोहाली। शहर में सड़क हादसों को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने थ्री डी स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम शुरू करने का फैसला लिया है। पुलिस का दावा है कि ऐसा सिस्टम शुरू करने वाला मोहाली देश का पहला शहर होगा। यह प्रोजेक्ट मोहाली में कामयाब रहा तो इसे पूरे पंजाब में लागू किया जाएगा। इससे एक ही जगह बने कंट्रोल रूम से वाहनों पर नजर रखी जा सकेगी। यह जानकारी शुक्रवार को एडीजीपी ट्रैफिक शरद सत्या चौहान ने प्रेस कांफ्रेंस में दी। इस मौके पर आईजी रूपनगर रेंज वी नीरजा व एसएसपी मोहाली कुलदीप सिंह चहल समेत कई सीनियर पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
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जिक्रयोग है कि मोहाली में लगातार सड़क हादसे बढ़ रहे हैं। 24 घंटे में एक व्यक्ति की मौत हादसों में हो रही है। कुछ समय पहले प्राइवेट संस्था द्वारा किए गए एक सर्वे में यह बात सामने आई थी।
एडीजीपी ने बताया कि अनुकाई सॉल्यूशंस के गौरव, ट्रैफिक सलाहकार नवदीप असीजा, पंजाब विजन जीरो के प्रोजेक्ट मैनेजर अरबाब अहमद, एसपी सिटी-एक मोहाली अश्वनी गोडियाल व रोड सेफ्टी इंजीनियर चरनजीत सिंह की टीम ने यह सिस्टम तैयार किया है। उन्होंने बताया कि यह सिग्नल सड़क के हरेक साइड से आ रहे वाहनों की गिनती के हिसाब से चलेगा। शुरुआत में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर क्वार्क सिटी चौक से इस सिस्टम को शुरू किया जाएगा। बाद में हरेक स्थान पर इस लागू कर दिया जाएगा।
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एडीजीपी ने बताया कि अभी ट्रैफिक पुलिस को चौक पर खड़ा होकर ट्रैफिक निकालना पड़ता है। इसके लिए बहुत ज्यादा मुलाजिमों की जरूरत पड़ती है। जबकि नई थ्री डी तकनीक के माध्यम से ट्रैफिक सिग्नल पूरी तरह से ऑटोमेटिक हो जाएंगे। जिस साइड से ट्रैफिक आएगा, उस साइड से निकलने के बाद सेंसर से सिग्नल हो जाएगा। उन्होंने इस प्रोजेक्ट के लिए चितकारा यूनिवर्सिटी के राजपुरा कैंपस के विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने बताया कि ट्रैफिक प्रणाली में तकनीक की खोज को उत्साहित करने के लिए चितकारा यूनिवर्सिटी के स्मार्ट एप अनुकाई सॉल्यूशंस के साथ सितंबर 2018 में समझौता हुआ था।
एडीजीपी ने बताया कि समय पर आधारित ट्रैफिक लाइटें व उनकी संभाल करना काफी महंगा पड़ता है। इस पर करीब 70 लाख से एक करोड़ रुपये तक खर्च आता है। नई ऑटोमेटिक प्रणाली से पैसों की बड़े स्तर पर बचत होगी और ट्रैफिक लाइटों की उल्लंघना में भी कमी आएगी। साथ ही जाम भी कम होगा। उन्होंने बताया कि ट्रैफिक लाइटों पर वाहनों के लगने वाले समय में अगर एक सेकेंड की भी बचत होगी तो उससे कई लीटर तेल बचेगा।
थ्री डी स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल तकनीक के तहत एक साइड के वाहनों को जाने के लिए 15 सेकेंड का समय दिया जाएगा, जोकि पैदल चलने वालों को सड़क पार करने के लिए देना जरूरी है।
एडीजीपी ट्रैफिक ने कहा कि मोहाली में पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद पंजाब में 450 ट्रैफिक सिग्नलों पर उक्त तकनीक प्रयोग की जाएगी। इस तकनीक को अन्य प्रणाली से जोड़ने की दिशा में काम चल रहा है। इससे एक जगह पर बैठकर ट्रैफिक को कंट्रोल किया जा सकता है।
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