मोहाली। ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के आला अधिकारियों की लापरवाही ने मोहाली में 391 अवैध कॉलोनियों को जन्म दे डाला है। हालात यह हैं कि ऐसी कॉलोनियां लगातार बनती जा रही हैं और उन पर कोई कार्रवाई तक नहीं की जा रही। हां, कभी-कभी कार्रवाई की जाती है, लेकिन कुछ समय बाद फिर से वहां निर्माण शुरू हो जाता है। गमाडा की और से जारी लिस्ट के अनुसार मोहाली में करीब 391 कॉलोनियां हैं, जो अवैध हैं। ये कॉलोनियां बहलोलपुर, दाऊं, बड़माजरा, रायपुर, बलौंगी, झामपुर, डफरपुर, मोरठिकरी, पंडवाला, सुंदरन, खेरी, भंखरपुर, ककराली, जवाहरपुर, टिवाना में हैं। इन कॉलोनियों को बिल्डर बनाते रहे और गमाडा को पता तक नहीं चला कि यह कब बन गईं। गमाडा ने इन पर सख्त कार्रवाई नहीं कि। यही वजह रही कि इन कॉलोनियों की संख्या 391 तक पहुंच गई।
वर्ष 2022 में गिराए थे स्ट्रक्चर फिर बन गए
वर्ष 2022 में गमाडा ने चंडीगढ़ से सटे गांव झामपुर और गांव तीड़ा में काटी गई चार अवैध रिहायशी कॉलोनियों में सर्वे रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की थी। गमाडा की टीम ने जेसीबी की मदद से यहां पर किए गए अवैध निर्माण गिरा दिए थे। कॉलोनाइजर ने ये सभी अवैध कॉलोनियां खेतीबाड़ी की जमीन पर काटी थीं। इन कॉलोनियों को काटने से पहले किसी भी तरह की अनुमति ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथारिटी (गमाडा) से नहीं ली गई थी।
लोगों को झांसा देकर फंसाते हैं कॉलोनाइजर
अवैध कॉलोनियों में प्लॉट बेचने वाले कॉलोनाइजर काफी चालाक हैं। वह लोगों को झांसा देते हैं कि उक्त इलाका जल्द ही नगर निगम मोहाली में शामिल होने वाला है। जल्द ही यहां कार्रवाई हो जाएगी। इसके साथ ही वह बताते हैं कि जैसे ही कॉलोनी अप्रूव हो जाएगी तो ये प्लॉट महंगे हो जाएंगे। कई लोग इनकी बातों में आकर यहां पर प्लॉट खरीद लेते हैं। यहां प्लॉट खरीदने वालों में सबसे ज्यादा बाहरी राज्यों के लोग शामिल हैं।