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खुर की बीमारी के कारण आठ पशुओं की मौत

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मुंह-खुर की बीमारी से आठ पशुओं की मौत
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गांव पडियाला में कई पशु बीमारी की चपेट में आए, विभाग गंभीर नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
कुराली। गांव पडियाला में फैली मुंह-खुर की बीमारी से 8 पशुओं की मौत हो गई जबकि कई पशु अब भी इस बीमारी की चपेट में हैं। पशुपालकों ने आरोप लगाया कि पशुपालन विभाग इस बीमारी प्रति गंभीर नहीं है जिससे उनमें रोष है। पशु मालिकों ने सरकार से इस तरफ ध्यान देने तथा मुआवजा देने की मांग की है।
हरप्रीत सिंह ने बताया कि उसके लगभग एक दर्जन पशु इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं तथा चार गाय मर चुकी हैं जिस कारण उसका लाखों रुपयों का नुकसान हो गया। उसने बताया कि मुंह-खुर का टीकाकरण करवाने के बावजूद उसने फिर से पशुओं का तीन बार टीकाकरण कराने पर 75 हजार रुपये खर्च कर दिए हैं। उसको दवाइयां भी अपने आप खरीदनी पड़ रही हैं। नरंग सिंह ने बताया कि उसके दो पशुओ की मौत भी इसी बीमारी के कारण हो चुकी है जबकि अन्य पशु अभी भी बीमारी से पीड़ित हैं। गांव के भीम की भैंस और जगतार सिंह की गाय भी इस बीमारी के कारण मर चुकी है और कई पशु मुंह-खुर की बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। पशुपालकों ने बताया कि गांव में दो सप्ताह से यह बीमारी फैली हुई है और दुधारू गायों को चपेट में ले रही है लेकिन पशुपालन विभाग इसकी रोकथाम के लिए ठोस कदम नहीं उठा रहा। डॉक्टरों की टीम की जगह केवल फार्मासिस्ट ही गांव में आकर पशुओं का उपचार कर रहे हैं। पशुपालकों ने बीमारी की रोकथाम के लिए ठोस प्रबंध करने तथा मामले की जांच के अतिरिक्त पशुधन के हुए नुकसान की प्रतिपूर्ति की मांग की है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
पशुपालन विभाग के डायरेक्टर इंद्रजीत सिंह ने कहा कि मामला उनके ध्यान में आ गया है। उन्होंने डॉक्टरों की टीम को गांव में जाकर पशुओं का उपचार करने की हिदायत दी है। डॉक्टरों की जगह फार्मासिस्टों द्वारा किए जा रहे उपचार को लेकर उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जाएगी और कार्रवाई की जाएगी।

फोटो कैपशन : गांव पडियाला में अपनी मरी गाय को दिखाते हरप्रीत सिंह।
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