घटना के समय परिवार वाले घर में सो रहे थे, बेटे का हो गया बचाव
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली/खरड़। हलका खरड़ के गांव झंझेड़ी में वीरवार रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। इस दौरान मकान की छत गिरने से घर में सो रहे दंपति की मलबे में दबने से ही मौत हो गई। जबकि घर के दूसरे कमरे में सो रहे बेटे का बचाव हो गया। जैसे ही घटना का लोगों को पता वह तुरंत इकट्ठा हो गए। उन्होंने मलबे में दबे दंपति को बड़ी मुश्किल से निकाला, लेकिन मलबा अधिक होने के चलते दोनों की दम घुटने से मौत हो गई थी। मृतकों की पहचान रणजीत सिंह (48) व उसकी पत्नी मनजीत कौर (45) के तौर पर हुई है। वहीं पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना किया। साथ ही इस मामले में आईपीसी की धारा-174 के तहत कार्रवाई की गई है।
जानकारी के मुताबिक रोजाना की तरह रात को परिवार सो गया। रात के करीब अढ़ाई बजे मकान के एक हिस्से वाली छत जोकि काफी पुरानी थी। अचानक नीचे गिर गई। इसके बाद मलबे में रणजीत सिंह व उसकी पत्नी फंस गए, जिससे मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। लेकिन साथ कमरे में सो रहे बेटे को हादसे का सुबह पता चला। जब उसने देखा कि माता पिता नहीं दिख रहे तो वह अंदर गया। इस दौरान उसने देखा कि उसके परिजन मलबे में दबे पड़े हैं। उसने आसपास के लोगों को इकट्ठा किया, जिसके बाद मलबे को हटाया गया। साथ ही शवों को निकाला गया। पुलिस ने दोनों की लाशों को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल में पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बेटे बेटियों की शादी हो चुकी है
पुलिस से मिली जानकारी के रणजीत सिंह के 3 लड़के व लड़कियां हैं। जोकि शादीशुदा हैं। एक लड़का अपनी बहन, दूसरा काम पर व हादसे के समय तीसरा लड़का घर के दूसरे कमरे में सोया था। रणजीत सिंह मेहनत मजदूरी कर अपनी व अपने परिवार की गुजर बसर करते आ रहा था।
आवास योजना के तहत लोन के लिए किया था आवेदन
मृतक के बेटे गुरप्रीत सिंह ने बताया कि उनके पिता मजदूरी करते थे। वह खुद सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम करता है। रात वह अपने काम पर गया हुआ था। उसने बताया कि कुछ महीने पहले हुई बारिश के दौरान उनके घर के एक दूसरे कमरे की छत भी इसी तरह गिर चुकी थी। प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत कच्चे मकान को पक्का करने के लिए दिया गया उनका आवेदन भी मंजूर हो चुका था, लेकिन इसी बीच पंचायतें भंग हो गईं थी। ऐसे में यह राशि अधर में रह गई थी।
एसडीएम ने मौके का जायजा लिया
खरड़ के एसडीएम विनोद बंसल ने कहा था कि वह घटना के बाद गांव गए थे। वहीं, उनकी तरफ से पुलिस व तहसीलदार को कहा गया है कि पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता मुहैया कराई जाए।