वाटरप्रूफ मोबाइल में गया पानी, कंपनी पर गिरी गाज
उपभोक्ता फोरम ने कंपनी के खिलाफ सुनाया फैसला
मोबाइल की कीमत देनी होगी वापस, पंद्रह हजार लगाया जुर्माना
तीस दिन में करना होगा भुगतान, वरना 12 फीसदी चुकाना होगा ब्याज
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
वाटर प्रूफ होने का दावा कर बेचे गए मोबाइल में पानी जाने के मामले को जिला उपभोक्ता फोरम ने गंभीरता से लिया है। फोरम ने मोटोरोला मोबिलिटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को सेवाओं में कोताही का दोषी करार दिया है। साथ ही कंपनी को मोबाइल की कीमत 18 हजार 499 रुपये वापस करने के आदेश दिए हैं। साथ ही पंद्रह हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। कंपनी को यह भुगतान शिकायतकर्ता को तीस दिनों के अंदर करना होगा। वरना पूरी रकम पर 12 फीसदी ब्याज चुकाना होगा। फेज-1 मोहाली सतिंदरजीत सिंह की ओर से दायर केस पर फोरम ने यह फैसला सुनाया है।
शिकायतकर्ता ने फोरम को बताया कि उसने मोबाइल फोन लेने की योजना बनाई थी। इसके बाद उसने ऑनलाइन रिटेल कंपनी फ्लिपकार्ट पर मोटोरोला एक्स प्ले फोन के लिए आर्डर दिया। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2015 में कंपनी की तरफ से एक विज्ञापन दिया गया था। जिसमें बताया था कि फोन वाटर प्रूफ है। भले ही इसे पानी में भी फेंक दिया जाए, लेकिन पानी अंदर नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि फरवरी 2016 में उसका मोबाइल डाइनिंग टेबल पर रखा था। वहां पर पानी भी था। इसी बीच मोबाइल में पानी चला गया। साथ ही मोबाइल की स्क्रीन पर पानी दिखने लगा। इसके बाद वह कंपनी के सर्विस सेंटर गए। कंपनी के प्रतिनिधियों ने कहा कि मोटोरोला एक्स प्ले के अंदर पानी नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा कि फोन की रिपेयर नहीं हो सकती है। इसे वारंटी के तहत बदला जाएगा। इसके बाद उनकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया। फोरम की ओर से कंपनी को नोटिस भेजा। कंपनी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि हमने सेवा में कोताही नहीं की है। फोरम ने शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया।