बच्चे को जन्म देकर गायब हुई महिला का नहीं लगा सुराग
- सिविल अस्पताल खरड़ में 10 जनवरी को दिया था जन्म
- बच्चे को दाई के पास छोड़ गई थी महिला, पता निकला गलत
- दाई पर बच्चे को रिश्तेदार को सौंपने का आरोप, पुलिस जांच में जुटी
अमर उजाला ब्यूरो
खरड़। सरकारी अस्पताल में 10 जनवरी को एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया और उसके बाद अपने बच्चे को अस्पताल की एक दाई के हवाले छोड़ कर गायब हो गई। मुस्लिम समुदाय की इस महिला ने अपने आपको विवाहित बताते हुए अपने पति का नाम भी अस्पताल में दर्ज करवाया है तथा अपनी रिहायश खरड़ के नजदीक गांव मांमुपुर में लिखाई। पुलिस जांच में महिला का मांमुपुर में कुछ पता नहीं चल सका। वहीं, मामले में अस्पताल प्रशासन की भी लापरवाही बताई जा रही है, क्योंकि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर व स्टाफ ने गर्भवती को अस्पताल में दाखिल करते समय न तो उसका आधार कार्ड या अन्य कोई एड्रेस प्रूफ जमा किया और न ही उसके साथ आई महिला का मोबाइल नंबर नोट किया।
दाई जसवीर कौर ने इस नवजात शिशु को अपने एक रिश्तेदार को दे दिया जिसकी पहली कोई औलाद नहीं थी। दाई द्वारा बच्चे को अपने किसी रिश्तेदार को देने के मामले की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है परंतु पुलिस इस निर्णय पर नहीं पहुंच सकी कि यह गर्भवती महिला शादीशुदा थी या नहीं।
गांव मांमुपुर का दौरा करने पर गांव की आंगनबाड़ी तथा आशा वर्कर ने बताया कि इस नाम की किसी भी गर्भवती महिला संबंधी उसे कोई जानकारी नहीं मिली है। दाई जसवीर कौर का कहना है कि उसे नहीं पता कि महिला विवाहित है या अविवाहित, परंतु लड़का पैदा होने पर इसके माता-पिता यह कह रहे थे कि उन्होंने इस बच्चे को लेकर नहीं जाना है, इसे कहीं छोड़ देना है। अस्पताल से नवजात को लेकर जाने वाली माया देवी ने कहा कि वह सात दिन से इसकी देखभाल कर रही है और वह इस बच्चे को लेना चाहती है।
नवजात को आश्रम प्रबंधकों को सौंपा
खरड़ सिटी थाने के एसएचओ भगवंत सिंह रियाड़ तथा जांच अधिकारी बलबीर सिंह ने बताया कि नवजात को पुलिस ने चाइल्ड वेलफेयर की प्रोजैक्ट ऑफिसर नवनीत कौर के कहने पर ज्योति सरूप कन्या आश्रम के प्रबंधकों को इसकी देखभाल के लिए सौंप दिया है। पुलिस को अभी तक इस नवजात बच्चे को जन्म देने वाली महिला के बारे में पता नहीं चल सका है।