आईजी की जांच के बाद अब हत्या के लिए मजबूर करने का दर्ज हुआ केस
रयात बाहरा यूनिवर्सिटी के छात्र ने संदिग्ध हालत में किया था सुसाइड
मृतक की मां ने ली थी कोर्ट की शरण, कहा था बेटा सुसाइड नहीं कर सकता
हाईकोर्ट ने मामले की जांच आईजी को सौंपी थी, जिसके बाद दर्ज हुआ केस
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली/खरड़।
करीब एक साल पहले एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी में संदिग्ध हालत में युवक ने सुसाइड कर लिया था। इस मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुई इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस आईजी की जांच के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया है। इस संबंध में कोर्ट में मृतक की मां ने केस दायर किया था।
जानकारी के मुताबिक, अतिंदरपाल सिंह (22) रयात बाहरा यूनिवर्सिटी में एलएलबी की पढ़ाई कर रहा था। वह तीसरे सेमेस्टर का छात्र था। 16 मई 2016 को उसने यूनिवर्सिटी के अंदर ही स्थित अपने हास्टल में पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी थी। इसके बाद पुलिस द्वारा मामले में 174 के तहत कार्रवाई की गई थी, लेकिन मृतक की मां रणजीत कौर पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थी। उन्होंने इस मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बेटे की मौत के कारणों की जांच की मांग की थी। उसने अपनी याचिका में कहा था कि उसका बेटा ऐसा कदम नहीं उठा सकता था। उसे किसी ने आत्महत्या के लिए मजबूर किया था। वहीं, कोर्ट ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए इस मामले की जांच आईजी एंटी टेररिस्ट स्क्वॉयड कुंवर विजय प्रताप को सौंपी थी। आईजी ने मामले में अपनी रिपोर्ट में उक्त केस में आत्महत्या के लिए मजबूर करने 306 व 34 आईपीसी के तहत केस दर्ज करने की सिफारिश की थी। वहीं, थाना सदर खरड़ के एसएचओ भगवंत सिंह ने कहा कि उन्होंने मामला अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। साथ ही मामले की जांच की जा रही है। वहीं अब पुलिस अन्य सभी चीजों की जांच की जा रही है। वहीं, मृतक की मां ने कहा कि उनका बेटे ने प्रेशर में सुसाइड किया है।