ड्रग तस्करी में मोबाइल कंपनियां पेश करेंगी रिकॉर्ड
करोड़ों की ड्रग तस्करी से जुड़े छह केसों की एक साथ हुई सुनवाई
आठ घंटे तक चली सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
पंजाब पुलिस से बर्खास्त अर्जुन अवार्डी डीएसपी जगदीश भोला समेत कई आरोपियों पर चल रहे करोड़ों रुपये की ड्रग तस्करी से जुड़े छह मामलों की शुक्रवार को सीबीआई की अदालत में सुनवाई हुई। जो करीब आठ घंटे तक चलती रही। इस दौरान एफआईआर नंबर 56 बनूड़ में आरोपी बिट्टू औलख द्वारा एप्लीकेशन लगाई गई थी। जिसमें उन्होंने मांग की थी कि उनको पकड़ने वाले पुलिस अफसरों की मोबाइल लोकेशन बताई जाए। अदालत ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए एयरटेल, आइडिया और वोडाफोन कंपनी के नोडल अफसरों को समन जारी किए हैं। साथ ही आदेश दिए हैं कि 16 फरवरी को कंपनियों को इस संबंध में सारा रिकॉर्ड अदालत में पेश करना होगा। आरोपी के वकील अनिल के सागर ने बताया कि 16 फरवरी को कंपनियां पेश करेंगी। इसके बाद उनके अधिकारियों की गवाही होगी। दूसरी तरफ एफआईआर नंबर-42 और 45 में रिटायर्ड इंस्पेक्टर हरपाल सिंह की गवाही हुई। आरोपी के वकील हरीश ने बताया कि गवाही पूरी हो गई है। एफआईआर नंबर पचास में रिटायर्ड अफसर और मामले के जांच अधिकारी धर्मदेव की गवाही हुई।
ईडी से जुड़े मामले की हुई सुनवाई
दूसरी तरफ ड्रग तस्करी से जुडे़ मनी लांड्रिंग में जगदीश भोला से जुड़े मामले में एके कौशल व पीके चौधरी की गवाही हुई। आरोपियों की वकील शैली शर्मा ने बताया कि उक्त लोगों ने गुरदीप सिंह मनचंदा के घर में सर्च की थी, जिसके चलते इनकी गवाही हुई है। जिक्रयोग है कि ईडी द्वारा तीन केेसों को क्लब कर दिया गया है। उसका नाम जगदीश भोला बनाम ईडी है। इस मामले में अनूप काहलों बनाम ईडी को अलग कर दिया था, जिसकी सुनवाई अलग चल रही है।