शनिवार को पुलिस टीम पर फायरिंग और तलवारों से हमला करने वाले आरोपियों को पकड़ने के लिए सोमवार को एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) और मोहाली पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। इंडस्ट्रियल एरिया में पुलिस टीम का आरोपियों से आमना-सामना हो गया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें दो आरोपियों के पांव में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को काबू कर लिया। वहीं दो अन्य आरोपियों ने सोमवार सुबह अदालत में सरेंडर कर दिया था।
घायल आरोपियों की पहचान जसकरण और लखविंदर के रूप में हुई है। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तीसरे आरोपित गगन को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी ने बताया कि तीनों आरोपी मोहाली क्षेत्र के ही रहने वाले हैं।
मौके से दो पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी मोहाली मौके पर पहुंचे और पूरे आपरेशन का जायजा लिया। एसएसपी ने बताया बरामद दोनों पिस्टलों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि शनिवार को पुलिसकर्मियों पर की गई फायरिंग में इन्हीं हथियारों का इस्तेमाल हुआ था या नहीं।
गौरतलब है कि शनिवार को सनेटा गांव के पास ड्रग तस्करों को पकड़ने गई सीआईए-2 (एएनटीएफ) की टीम पर आरोपियों ने अचानक फायरिंग कर दी थी। इसके बाद आरोपियों ने तलवारों से भी हमला किया था। इस हमले में कांस्टेबल जगजीत के पांव में गोली लगी थी, जबकि कांस्टेबल परमजीत उर्फ पम्मा की टांग में पट्ट पर गोली लगी थी। दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
पुलिस ने इस मामले में सोहाना थाने में हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा, आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही थी। इसी बीच सोमवार को मिली सूचना के आधार पर एजीटीएफ और मोहाली पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इंडस्ट्रियल एरिया में आरोपितों को घेर लिया। पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने के बजाय आरोपियों ने दोबारा फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में दो आरोपी घायल हो गए।
एसएसपी हरमनदीप सिंह हंस ने बताया कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद घायल आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जाएगा। रिमांड के दौरान वारदात में इस्तेमाल हथियारों के स्रोत, आरोपियों के अन्य साथियों, ड्रग्स नेटवर्क और पुलिस पर हमले की पूरी साजिश के संबंध में पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी किसी संगठित आपराधिक गिरोह से जुड़े हैं या नहीं।