ट्रैफिक रूल्स की आड़ में नामी कंपनियों का प्रचार
हाईकोर्ट के आदेशों की उड़ रही धज्जियां
शहर में दाखिल होने वाले प्वाइंट्स पर रखवाए बेरिकेड्स पर कंपनियों का प्रचार ज्यादा, ट्रैफिक रूल्स का कम
वाहन चालकों का विज्ञापन पर अचानक ध्यान जाने से हादसे का रहता है डर
अमर उजाला ब्यूरो
जीरकपुर। रियल एस्टेट से जुड़ी नामी कंपनियों ने अपना प्रचार करने के लिए नया तरीका ढूंढ निकाला है। तीन राज्यों से घिरे जीरकपुर में तीन नेशनल हाईवे आते हैं जिसमें बठिंडा-जीरकपुर, जीरकपुर-शिमला और अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे शामिल हैं। इन तीनों हाईवे से हजारों लोगों की आवाजाही प्रतिदिन होती है। रियल एस्टेट से जुड़ी कंपनियों ने इन हाईवे के ऊपर ट्रैफिक रूल्स का सहारा लेते हुए जगह-जगह बेरिकेड्स रखवाए हुए हैं, लेकिन इनके ऊपर ट्रैफिक रूल्स को छोटे और कंपनी के नाम को बड़े-बड़े अक्षरों में दर्शाया गया है।
वहीं, कंपनियों द्वारा कई बेरिकेड्स को शहर के अलग-अलग हिस्सों में भी रखवाया गया है, जिनका इस्तेमाल पुलिस अधिकारी अकसर ट्रैफिक जाम खुलवाने के लिए करते हैं। दिलचस्प बात ये है कि बेरिकेड्स को शहर के अंदर दाखिल होने वाले रास्तों के ऊपर खासतौर पर रखवाया गया है ताकि शहर में दाखिल होने वाले वाहन चालक की पहली नजर सीधा इनके ऊपर जाए।
सोशल अवेयरनेस केवल नाम की
कंपनियों द्वारा ट्रैफिक रूल्स अवेयरनेस के लिए बनाए बेरिकेड्स के ऊपर नजर मारें तो उन पर कंपनी का प्रचार ट्रैफिक रूल्स के प्रचार से ज्यादा है, क्योंकि बेरिकेड्स पर ट्रैफिक रूल्स फोलो करने वाले शब्दों को छोटे आकार में दर्शाया गया है जबकि कंपनी द्वारा प्रचार की जाने वाली सामग्री को बड़े आकार के शब्दों में दर्शाया हुआ है। एनएचएआई से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि ऐसे प्रचार के लिए सोशल मैसेज का साइज ज्यादा और सामान देने वाली कंपनी का केवल लोगो पब्लिश किया जाता है। नामी कंपनियां सोशल मैसेज के साइज को छोटा करके अपनी कंपनियों के प्रचार के साइज को बड़े आकार के शब्दों में पब्लिश करके हाईकोर्ट के आदेशों की उल्लंघना कर रही हैं।
हाईवे पर किसी तरह के प्रचार पर हाईकोर्ट की रोक
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा अंबाला-चंडीगढ़, जीरकपुर-शिमला और जीरकपुर-बठिंडा हाईवे के दोनों ओर किसी भी तरह के प्रचार पर रोक लगा रखी है। ये निर्देश हाईकोर्ट द्वारा एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान पारित किए गए हैं जिसमें कोर्ट को बताया गया कि हाईवे के ऊपर कंपनियां मनमर्जी से अपने प्रचार के लिए बड़े-बड़े विज्ञापन लगा लेती हैं जिससे राहगीरों का ध्यान ड्राइव के बजाय प्रचारित विज्ञापनों पर जाता है जो बाद में हादसों का कारण बनते हैं।
कोट्स :::
सोशल मैसेज की आड़ में रियल एस्टेट से जुड़ी कंपनियों ने एक के बाद एक अपना प्रचार करने के लिए जगह-जगह बेरिकेड्स रखवा दिए हैं जो हाईकोर्ट के आदेशों की उल्लंघना है। इनके खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार जिला प्रशासन के पास है, जिसके लिए अथॉरिटी द्वारा पत्र भेजकर कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
-इकबाल सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, जीएमआर, दप्पर।
कोट्स :::
मामला मेरी जानकारी में नहीं। जल्द ही अधिकारियों को निर्देश देकर ऐसे बेरिकेड्स को हाईवे की सड़कों से हटाया जाएगा।
-लवलीन सिंह, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी।