2018-19 वार्षिक बजट के लिए नगर काउंसिल की बैठक आज
शहर के विकास कार्यों पर 65 करोड़ खर्च किए जाने का रखा लक्ष्य, पिछले वर्ष से पांच करोड़ ज्यादा
83 फीसदी पैसे को किया जाएगा विकास कार्यों पर खर्च
अमर उजाला ब्यूरो
जीरकपुर।
नगर काउंसिल द्वारा 2018-19 वार्षिक बजट के लिए होने वाली बैठक अध्यक्ष कुलविंदर सोही के नेतृत्व में सोमवार सुबह 10 बजे आयोजित की जाएगी। अधिकारियों की मानें तो बजट में अनुमानित राशि को पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में बढ़ाकर 65 करोड़ रुपये रखा गया है। वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान लक्ष्य के अनुसार काउंसिल को वैट से कमाई हुई, लेकिन बिजली चुंगी से काउंसिल को काफी नुकसान हुआ है। जबकि प्रापर्टी टैक्स, वाटर एंड सैनिटेशन में वृद्धि हुई है। दिलचस्प बात यह है कि सूबे में सत्ता परिवर्तन से जीरकपुर प्रॉपर्टी बाजार में मंदी से व्यापारियों को राहत मिली है। इस कारण काउंसिल को 2017-18 में 32 करोड़ रुपये नक्शा फीस से प्राप्त हुए हैं।
वैट रहा बराबर, बिजली चुंगी से हुआ नुकसान
नगर काउंसिल द्वारा वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान वैट वसूली के लिए 16 करोड़ रुपये का बजट रखा गया था, लेकिन काउंसिल को 1532.40 करोड़ की आय हुई है। इसके मद्देनजर काउंसिल ने 2018-19 वित्त वर्ष के लिए पिछली बजट में 10 लाख की बढ़ोत्तरी करते हुए 16 करोड़ 10 लाख रुपये का रखा गया है। जबकि बिजली से प्राप्त होने वाली चुंगी से अधिकारियों ने वित्त वर्ष 2017-18 के लिए 95 लाख रुपये की आय का लक्ष्य रखा था, लेकिन काउंसिल को 31 लाख 42 हजार रुपये ही प्राप्त हुए, जो बाकी स्रोतों से बहुत कम है।
प्रापर्टी टैक्स और वाटर एंड सैनिटेशन ने कमाया मुनाफा
नगर काउंसिल के लिए आय का सबसे बड़ा स्रोत प्रॉपर्टी टैक्स है। काउंसिल को वित्त वर्ष 2017-18 के लिए चार करोड़ 35 लाख का अनुमानित बजट रखा गया था, लेकिन काउंसिल को अनुमानित बजट से 79 लाख रुपये की अधिक कमाई हुई। काउंसिल को पांच करोड़ 24 लाख 63 हजार रुपये हासिल हुए। वाटर एंड सैनिटेशन विभाग ने तीन करोड़ का बजट रखा था, जिससे काउंसिल को 89 लाख ज्यादा यानी तीन करोड़ 89 लाख 64 हजार रुपये की आमदनी हुई।
नक्शा फीस से एक साल में कमाए 32 करोड़
वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान नगर काउंसिल को नक्शा फीस से सबसे ज्यादा आय हुई। नगर काउंसिल ने नक्शा से होने वाली आमदनी के लिए 23 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट रखा था। इस आंकड़े को पार करते हुए काउंसिल को 31 करोड़ 93 लाख 12 हजार रुपये की कमाई हुई है। इसे देख काउंसिल के अधिकारियों ने आगामी वित्त वर्ष के लिए 32 करोड़ के बजट रखा है।
आगामी वित्त वर्ष में यहां खर्च किए जाएंगे पैसे
काउंसिल अधिकारियों के अनुसार, 2018-19 के लिए 65 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अंतर्गत 10 करोड़ 06 लाख 78 हजार रू. हैं, जो काउंसिल अधीन काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन, पेंशन व अन्य भत्ते आदि शामिल हैं। जबकि सरकार की हिदायतों के अनुसार ये बजट का 35 प्रतिशत रखा जाना चाहिए, परन्तु जीरकपुर नगर काउंसिल द्वारा कुल बजट का 15 प्रतिशत ही रखा गया है। इसी तरह, शहर के अंदर विकास कार्यों पर खर्च किए जाने के लिए नगर काउंसिल द्वारा सबसे ज्यादा 53 करोड़ 64 लाख 22 हजार रू. खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है, जो कुल बजट का 83 प्रतिशत बनता है।
कोट्स :::::::
पिछले तीन वर्षों में नगर काउंसिल की आय में लगातार वृद्धि हुई है। काउंसिल की आमदनी के लिए कुछ नए स्रोत तैयार किए जा रहे हैं, ताकि उन्हें किसी के ऊपर निर्भर न रहना पड़े।
-कुलविंदर सोही, अध्यक्ष, नगर काउंसिल जीरकपुर।