मोहाली। सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने माना है कि सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी के पीछे पेमेंट न हो पाना मुख्य कारण है। अब मंत्री दवा सप्लायरों के साथ मीटिंग कर इसका हल निकालने की तैयारी में हैं। उन्होंने सरकारी स्तर पर बजट का इंतजाम करने की बात भी कही। रविवार को सेहत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और डॉक्टरों के साथ हुई एक मीटिंग में सेहत मंत्री सिद्धू ने दवओं के स्टाक की जानकारी ली।
पंजाब हेल्थ सिस्टम कारपोरेशन के मोहाली दफ्तर में मंत्री सिद्धू की अध्यक्षता में मीटिंग हुई। इसमें सेहत विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी सतीश चंद्रा, पंजाब हेल्थ सिस्टम कारपोरेशन के एमडी अमित कुमार के अलावा सेहत विभाग के अधिकारी व डॉक्टर्स मौजूद रहे। सेहत मंत्री ने पंजाब के तीनों ड्रग वेयर हाउस में मौजूद दवाओं के स्टाक की जानकारी ली और आउट ऑफ स्टाक दवाओं की रिपोर्ट भी ली। मंत्री ने डॉक्टर्स से अस्पतालों में मौजूद दवाओं के स्टाक और देरी से सप्लाई होनेे वाली दवाओं की विस्तृत रिपोर्ट भी हासिल की। सेहत मंत्री ने माना कि अदायगी न होने के कारण दवाओं की सप्लाई प्रभावित हो रही है। इस मसले को जल्द हल कर लिया जाएगा। वह सरकारी स्तर पर बजट का इंतजाम करेंगे। सिद्धू ने बताया कि दवा सप्लायरों की एक मीटिंग भी बुलाई गई है, ताकि दवाओं की सप्लाई में होने वाली देरी के सही कारणों का पता कर उसका हल निकाला जा सके। उन्होंने कहा कि सेहत सुविधा सरकार की प्राथमिकता है। लिहाजा इसे लेकर कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। सेहत मंत्री ने कहा कि राज्य में 2950 हेल्थ एंड वेलनेस क्लीनिक खोले जाने की प्रक्रिया जारी है। इनमें से 840 क्लीनिकों ने काम शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह प्रयास लोगों को उनके घर के पास बेहतर सेहत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए है।