मोहाली। नए सेक्टरों के लोगों को आने वाले दिनों में पानी के ज्यादा रेट से राहत मिल जाएगी। नगर निगम ने उक्त एरिया की वाटर सप्लाई व सीरवेज सिस्टम को टेकओवर करने का फैसला लिया है। इस संबंध में सोमवार को हुई हाउस की मीटिंग में प्रस्ताव पास किया गया। साथ ही प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेज दिया गया है। जैसे ही सरकार से इसे मंजूरी मिलेगी, इसे पूरे शहर में लागू कर दिया जाएगा।
सेक्टर-66-69 व 76 से 80 के पानी व अन्य सुविधाएं अभी तक ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) के अधीन हैं। लोगों की शिकायत है कि अब उनका एरिया नगर निगम में आ चुका है, ऐसे में पानी की सप्लाई से लेकर अन्य सारी चीजें भी निगम अपने अधीन ले। क्योंकि गमाडा द्वारा पानी के ज्यादा रेट वसूले जाते हैं। गमाडा के रेट प्रति हजार लीटर के करीब नौ रुपये हैं, जबकि नगर निगम के रेट 1.80 रुपये। लोगों इस मामले को लेकर संघर्ष भी कर चुके हैं। आखिर में निगम ने इस मामले को लेकर पूरा प्लान तैयार किया। इंजीनियरिंग शाखा ने स्कीम का मुआयना किया। 13 करोड़ रुपये का इसके लिए प्रावधान करने का प्रस्ताव पास किया गया। इसको लेकर इन इलाकों के पार्षदों ने मेयर कुलवंत सिंह व निगम अधिकारियों का धन्यवाद किया।
कम्युनिटी सेंटरों के बुकिंग रेट 17 हजार तय
नगर निगम के अधीन आने वाले कम्युनिटी सेंटरों को रेनोवेट कर बुकिंग रेट 51 हजार करने का फैसला लिया गया था। इसे पार्षदों के विरोध के बाद बाद टाल दिया गया। साथ ही नए रेट 17 हजार प्लस तय किए गए है। पहले रेट दस हजार था व टैक्स अन्य थे। हालांकि नए रेट उस समय लागू होंगे, जब कम्युनिटी सेंटर पूरी तरह से रेनोवेट हो जाएंगे। उन्हें सेंट्रल एसी व साउंड प्रूफ कर दिया जाएगा। इसके अलावा लैंड स्केपिंग व अन्य कार्य किए जाएंगे। जिक्रयोग है कि मीटिंग में पार्षदों का कहना था कि रेट बढ़ाकर आम जनता पर बोझ डालने की कोशिश की जा रही है। कुछ पार्षदों ने चंडीगढ़ पैटर्न को फालो करने की बात कही। हालांकि चंडीगढ़ में दो तरह के रेट हैं। ऐसे में उक्त रेटों को फालो करने से टाल दिया गया।
गोशाला में पशुओं के मरने की नए सिरे से होगी जांच
गोशाला में इस साल पशुओं की काफी संख्या में हुई मौत का मामला गरमाया हुआ है। अब नए सिरे से इसकी जांच की जाएगी। इस संबंधी फैसला सरकार की तरफ से लिया गया है। इसके लिए स्पेशल कमेटी भी गठित कर दी गई है, जिसमें पशुपालन विभाग से लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल रहेंगे। यह जानकारी हाउस की मीटिंग में दी गई। दूसरी गोशाला के प्रबंधकों ने भी गोशाला को सरेंडर करने की एप्लीकेशन निगम में लगा दी है। सूत्रों की मानें तो इसके पीछे की मुख्य वजह तय समय पर पैसे नहीं मिलना है।
मीटिंग में तय किया गया कि अब गोशाला चलाने के लिए नई संस्था की तलाश की जाएगी। जब तक नई संस्था नहीं आती, तब तक उक्त संस्था ही काम देखेगी। हालांकि हाउस की मीटिंग में जब इस मुद्दे पर बहस हुई तो बीजेपी पार्षद अरुण शर्मा ने कहा कि इस मामले की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए और जो दोषी पाया जाता है, उस पर कार्रवाई हो। उनका कहना था कि चंडीगढ़ में भी यही संस्था सारी गोशालाएं चला रही है, वहां पर किसी तरह की अभी तक कोई शिकायत नहीं आई। ऐसे में इसकी गहनता से जांच हो। हालांकि इससे पहले जब गोशाला में पशुओं की मौत का मामला सामने आया था तो तत्कालीन पशुपालन मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने गोशाला का दौरा किया था। विभाग के डॉक्टरों ने पशुओं का पोस्टमार्टम किया था तो उनके पेट से पॉलिथीन मिली थी।
पंजाबी के प्रमोशन के लिए पांच लाख का बजट मंजूर
नगर निगम ने अधीन आने वाले एरिया में पंजाबी भाषा की प्रमोशन के लिए बीस लाख का प्रस्ताव बनाकर भेजा था। सरकार ने निगम के बजट प्रस्ताव पर कैंची चला दी। केवल पांच लाख के बजट को मंजूरी दी है। हालांकि इसके बाद भी नगर निगम के पार्षदों में इसको लेकर खुशी है। उनका कहना है कि यह पहला मौका है जब पंजाबी के लिए अलग से बजट रखा गया है।
लावारिस कुत्तों की समस्या के हल के लिए कमेटी गठित
शहर में लावारिस कुत्तों की समस्या का मामला भी नगर निगम की मीटिंग में उठा। पार्षद अरुण शर्मा ने इस मामले को उठाया। इसके बाद इसी मामले को लेकर पार्षदों की एक कमेटी गठित की गई, जो इस समस्या से शहर को कैसे छुटकारा दिलाया जाए समेत अन्य मुद्दों पर अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंपेगी।