जीरकपुर में अगर आप प्रॉपर्टी खरीदने की सोच रहे हैं तो एक बार नगर काउंसिल दफ्तर में उसकी जांच पड़ताल जरूर करवा लें, नहीं तो आप धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं। शहर में प्रापर्टी को लेकर लगातार बढ़ रहे धोखाधड़ी के मामलों को देखते हुए नगर काउंसिल ने दफ्तर में हेल्प डेस्क लगाने की पहल की है, जिसके तहत लोग प्रॉपर्टी खरीद से पहले दस्तावेजों की जांच पड़ताल करवा सकेंगे।
मोहाली, चंडीगढ़ और पंचकूला की सीमाओं से सटे जीरकपुर शहर ने कुछ समय में ही काफी तरक्की की है। इसका नतीजा यह है कि यहां रहने वाले लोगों की आबादी 3 लाख से ऊपर है। बाहरी राज्यों से आने वाले अधिकतर लोग यहां आकर अपने आशियाने बनाते हैं, जिनको चंडीगढ़ के मुकाबले काफी कम दाम में प्रॉपर्टी मिल जाती है। दूसरी ओर, पिछले 5-6 वर्षों में प्रॉपर्टी बाजार में आई मंदी के बाद अधिकतर मामले ऐसे देखने को मिले, जिनमें लोगों द्वारा पैसे लगाने के बावजूद उन्हें घर नसीब नहीं हुआ।
बाद में वही लोग पुलिस थाने, कोर्ट कचहरी एवं अन्य अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटकर अपने मामलों को हल करवाने में जुटे रहते हैं। ऐसे में लोग कोई प्लाट खरीद रहे हैं तो उस कालोनी के वैध और अवैध की जानकारी हेल्प डेस्क के माध्यम से आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। बशर्ते लोगों के पास प्रॉपर्टी की जानकारी सटीक होनी चाहिए, ताकि अधिकारियों को रिकार्ड खंगालने में समय न लगे।
धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए काउंसिल ऑफिस में हेल्प डेस्क तैयार करके उन लोगों को जानकारियां मुहैया करवाई जाएंगी, जो प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त करने जा रहे हैं।
-राजेश जिंदल, असिस्टेंट, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, जीरकपुर नगर काउंसिल।