मोहाली। नगर निगम ने शहर के कम्युनिटी सेंटरों को होटलों की तर्ज पर रेनोवेट कर बुकिंग रेट बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। बुकिंग रेट अब 51 हजार रुपये तक तय किए गए हैं, जबकि पहले करीब दस हजार रुपये थे। इस संबंध में सोमवार को होने वाली हाउस की मीटिंग में प्रस्ताव लाया जाएगा। हालांकि ज्यादातर पार्षद बुकिंग रेट बढ़ाने के विरोध में हैं। उनकी दलील है कि इससे लोगों की जेब पर बोझ बढ़ेगा। वहीं, जो रेट तय किया है कि वह होटलों की तर्ज पर किया गया है।
नगर निगम ने बड़े स्तर पर शहर के सारे कम्युनिटी सेंटरों को संवारने की तैयारी की है। इसके तहत सारे कम्युनिटी सेंटर सेंट्रल एसी करवाए जाएंगे। पास में रहने वाले लोगों को वहां पर चलने प्रोग्रामों की आवाज से परेशान न होना पड़े, इसके लिए उन्हें साउंड प्रूफ किया जाएगा। कम्युनिटी सेंटरों के बाथरूम और फ्लोर को रेनोवेट किया जाएगा। कम्युनिटी सेंटरों के अंदर लैंड स्केपिंग व फैंसी लाइट्स लगाने की योजना है। प्रस्ताव में कहा गया है कि कम्युनिटी सेंटरों को देखभाल बढ़िया तरीके से हो सके, इसके लिए बुकिंग अमाउंट को रिवाइज करना जरूरी है। ऐसे में कम्युनिटी सेंटरों का फ्लैट रेट 51 हजार रुपये व जीएसटी और बतौर सिक्योरिटी बीस हजार रुपये लेने का प्रस्ताव बनाया गया है। सिक्योरिटी राशि प्रोग्राम खत्म होने के तीस दिन बाद एनओसी आने के बाद रिफंड कर दी जाएगी। फिलहाल कम्युनिटी सेंटर का किराया 10500 व 7500 रुपये है, जिसमें जीएसटी अलग से लगता है और बुकिंग के लिए सिक्योरिटी राशि भी पांच हजार रुपये है।
पार्षद बोले- रेनोवेट का प्रस्ताव प्रशंसनीय, बुकिंग रेट बढ़ाना गलत
कांग्रेस पार्षद कुलजीत सिंह बेदी ने कहा कि कम्युनिटी सेंटरों को रेनोवेट करने का प्रस्ताव प्रशंसनीय है, लेकिन इनके बुकिंग रेट नहीं बढ़ाए जाने चाहिए। निगम पहले ही कई तरह के टैक्स लोगों से वसूलता है, इससे लोगों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा। भाजपा पार्षद अरुण शर्मा व अशोक झा भी कम्युनिटी सेंटरों का किराया बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वहां पर समारोह करने ज्यादातर जरूरतमंद लोग आते हैं। निगम को आम लोगों का ख्याल रखना चाहिए। जिस हिसाब से नए बुकिंग रेट तय किए जा रहे हैं, उस हिसाब से शगुन स्कीम के तहत लोगों को राशि नहीं दी जाती है।