जीरकपुर। स्ट्रे डॉग्स शहर और कालोनियों के लोगों को आए दिन अपना शिकार बना रहे हैं, लेकिन नगर काउंसिल इन पर नियंत्रण पाने में असमर्थ है। जब भी काउंसिल अधिकारियों से स्ट्रे डॉग्स की नसबंदी के संबंध में बात की जाती है तो वह आगामी बैठक का हवाला देकर बात को टाल देते हैं। अधिकारियों की मानें तो नसबंदी के लिए सरकार से स्पेशल फंड नहीं मिलता।
ढकोली के हेल्थ कम्युनिटी सेंटर में एक माह में एंटी रेबीज का टीका लगवाने आने वालों का आंकड़ा करीब 40 है। जून के 12 दिन में जीरकपुर से डॉग बाइट के 15 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, पंचकूला सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में 12 दिन में ढकोली और जीरकपुर क्षेत्र के 25 और पंचकूला सेक्टर-16 के अर्बन हेल्थ सेंटर में मई और 10 जून तक हरमिलापर नगर फेस-वन और टू सहित बलटाना, जीरकपुर से करीब 32 डॉग बाइट के मामले सामने आए हैं। ये सिर्फ सरकारी अस्पतालों का आंकड़ा है। प्राइवेट अस्पतालों में भी लोग रेबीज का टीका लगवाने जाते हैं।
क्या कहते हैं लोग
वार्ड नंबर 20 के अंतर्गत दशमेश कलोनी, बादल कालोनी, एक्सचेंज कालोनी, ग्रीन एनक्लेव, दशमेश एनक्लेव के लोगों का कहना है कि स्ट्रे डॉग्स हर गली, मोहल्ले, पार्क और फुटपाथ पर फिरते रहते हैं, जिससे उनके पास से निकलने में भी डर लगता है। रात को स्ट्रे डॉग्स वाहन चालकों को दौड़ा देते हैं, जिससे कई बार हादसे हो चुके हैं। इस साल इसी क्षेत्र के आठ लोगों सहित कई स्ट्रे डॉग्स को एक पागल डॉग ने काट लिया था। इस दौरान चार बच्चे भी घायल हो गए थे। लोगों की मानें तो स्ट्रे डॉग्स का आतंक इतना बढ़ गया है कि बच्चे पार्क में जाने से भी डरते हैं।
क्या कहते हैं ईओ
नगर काउंसिल के ईओ गिरीश वर्मा ने बताया कि स्ट्रे डॉग्स पर काबू पाने के लिए बैठक में प्रस्ताव पेश किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अभी उन्हें सरकारी तौर पर स्ट्रे डॉग्स की नसबंदी के लिए कोई सहायता नहीं मिल रही है।