फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

1992 से लापता हैं परिवार के 6 सदस्य, सीबीआई कोर्ट में बचाव पक्ष ने की जिरह

विज्ञापन
विज्ञापन
मोहाली। एक ही परिवार के 6 सदस्यों को वर्ष 1992 में अगवा करने के आरोप में पंजाब पुलिस के तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ विशेष सीबीआई कोर्ट में चल रहे एक मामले में वीरवार को सुनवाई हुई। मुख्य गवाह बीबी सुरजीत कौर कोर्ट में पेश हुईं। कोर्ट में सुरजीत कौर द्वारा दी गई गवाही पर बचाव पक्ष ने जिरह की।
विज्ञापन

मामला 1992 का है, जब तरनतारन पुलिस पर एक ही परिवार के 6 सदस्यों चरन सिंह, केसर सिंह, मेजा सिंह, गुरदेव सिंह, गुरमेज सिंह और बलविंदर सिंह को अगवा करने का आरोप लगा था। इन 6 लोगों का आज तक कोई अता-पता नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह के मामलों की डे-बाई-डे सुनवाई करते हुए 8 महीनों में सुनवाई पूरी करने के निर्देश दिए हुए हैं। सीबीआई कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई 2, 3 व 5 जुलाई को करेगी।
तरनतारन के पूर्व डीएसपी गुरमीत सिंह पर छह सदस्यों को अगवा करने के मामले में धारा 364, 120 बी के तहत आरोप तय हुए थे। चरन सिंह की पत्नी सुरजीत कौर ने पुलिस के खिलाफ शिकायत देकर आरोप लगाया गया था कि पुलिस ने अलग-अलग जगहों से उसके पति चरन सिंह सहित बाकी रिश्तेदारों को अगवा किया है। सुरजीत कौर का आरोप है कि उसके रिश्तेदार गुरदेव सिंह को पंजाब पुलिस ने 20 अगस्त 1992 को यूपी के जिला सीतापुर के गांव सहरबा से उठाया था। इसी दिन डीएसपी गुरमीत सिंह घर के पांच सदस्यों को भी उठाकर तरनतारन ले गया। साल 1997 में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर यह मामला सीबीआई को सौंपा गया था। सुरजीत कौर के वकील जगजीत सिंह ने बताया कि इस मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को आदेश दिए हैं कि अगर किसी भी गवाह को धमकाया जाता है तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें