फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लाइब्रेरियां चलाने के लिए निगम ने लोगों से मांगी मदद

विज्ञापन
विज्ञापन
मोहाली। शहर के छह पार्कों में काफी समय पहले बनाई गईं लाइब्रेरियों का अब लोग लाभ उठा पाएंगे। लोकसभा चुनाव संपन्न होने के साथ ही नगर निगम ने लाइब्रेरियों को चलाने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम द्वारा अपनी तरफ से तो किताबें खरीदने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं अब लोगों से अपील की है कि जिनके पास भी प्रतियोगी संबंधी, साहित्यिक या अन्य पढ़ने योग्य किताबें हैं तो वे दान कर सकते हैं। इसके लिए किसी भी दिन नगर निगम के दफ्तर में पहुंचकर अधिकारियों से मीटिंग की जा सकती है। किताबों की लिस्ट देने के साथ, किताबें दान देनेे वाले का मोबाइल नंबर सेे लेकर अन्य जानकारियां शेयर की जाएंगी।
विज्ञापन

पूर्व सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने अपने कार्यकाल में शहर के प्रमुख छह पार्कों में लाइब्रेरियां बनवाईं थीं। लाइब्रेरियां बनाने का काम गमाडा द्वारा किया गया था। इन लाइब्रेरियों के पीछे सोच यही थी कि लोग सैर करने के साथ-साथ किताबों और अन्य दुनिया से भी जुड़े रहें। यह सारा काम गोवा और केरल मॉडल की तर्ज पर किया गया था। वहीं, अब यह लाइब्रेरियां निगम ने गमाडा से टेकओवर कर ली हैं, लेकिन काफी समय से इनको शुरू करने का काम अधर में लटका है। निगम ने किताबें खरीदने के लिए टेंडर कॉल किए थे, जिसके लिए कंपनियों द्वारा दिलचस्पी नहीं दिखाई गई। वहीं, निगम अब तीसरी बार टेंडर कॉल करने की तैयारी में है। इसी तरह फर्नीचर खरीदने की प्रक्रिया हो चुकी है। लाइब्रेरियों के लिए स्टाफ रखने के लिए प्रस्ताव पास हो चुका है। उम्मीद है कि जल्दी यह काम पूरा कर लिया जाएगा।

सिल्वी पार्क में चल रही है लाइब्रेरी
मोहाली के फेज-10 स्थित सिल्वी पार्क में नगर निगम द्वारा एक लाइब्रेरी चलाई जाती है। लाइब्रेरी में काफी संख्या में किताबें हैं। किताबें हिंदी, अंग्रेजी और पंजाबी में हैं। रोजाना कई लोग लाइब्रेरी में आकर लाभ उठा रहे हैं।
विज्ञापन


सीनियर सिटीजन ने बनाई ओपन लाइब्रेरी
मोहाली के फेज-9 में सीनियर सिटीजन एसोसिएशन ने एक अनूठी पहल की है। उन्होंने फेज-9 स्टेडियम के पास स्थित पार्क में एक ओपन लाइब्रेरी बनाई है, जिसमें जिसके घर में किताबें या मैगजीन आती हैं, वह लोग उक्त लाइब्रेरी में किताबें दान देते हैं। इसके बाद पढ़ने के शौकीन लोग इनका लाभ उठाते हैं। लाइब्रेरी में किसी भी तरह का कोई चार्ज लोगों से नहीं लिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें