जीरकपुर। सूरत हादसे के बाद डीसी के आदेशों पर डेराबस्सी फायर सेफ्टी विभाग भी अलर्ट हो गया है। शनिवार को चीफ फायर ऑफिसर मंजीत सिंह ने पटियाला रोड पर चेकिंग करते हुए बताया कि सूरत हादसे जैसी कोई घटना जीरकपुर में न हो, इसलिए होटल्स, कोचिंग सेंटर्स व व्यवसायिक इमारतों में फायर सेफ्टी की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए लगातार चेकिंग की जा रही है। डीसी ने दमकल विभाग को चिट्ठी भेजकर क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं और इसकी विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है। जीरकपुर क्षेत्र में भीड़ भरे बाजार और होटल व्यवसाय क्षेत्र हैं, इसलिए यहां पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लापरवाही करने वाली संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फायर ऑफिसर ने बताया कि चेकिंग के दौरान पटियाला रोड पर बने होटल लैमन चिली की सीढ़ियां जरूरत से ज्यादा छोटी पाई गई। यहां कोई वैकल्पिक रास्ता भी नहीं है, जबकि होटल में बड़ी मात्रा में गैस सिलिंडर्स रखे हुए थे। होटल स्टाफ को इसके लिए नोटिस देकर 15 दिन में सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
कोचिंग सेंटर्स में आग बुझाने की व्यवस्था नाममात्र
शहर में कोचिंग सेंटर्स की भरमार है, इनमें कई दूसरी और तीसरी मंजिल पर भी चल रहे हैं। यह कोचिंग सेंटर व ट्यूशन सेंटर्स बिना किसी अनुमति से ही चलाए जा रहे हैं। इनमें से कई सेंटर्स में आग बुझाने की व्यवस्था नाममात्र है।
शहर में तंग गलियां, कई इलाके संवेदनशील
शहर में गलियां तंग हैं और आग लगने की दृष्टि से कई इलाके संवेदनशील हैं। डेराबस्सी दमकल विभाग पर ही शहर आश्रित है, लेकिन विभाग के पास आग बुझाने के लिए पर्याप्त साधन नहीं हैं। शहर में 6 से 12 मंजिला इमारतें हैं। अगर कहीं तीसरी या चौथी मंजिल पर आग लग जाए तो वहां आग बुझाना काफी मुश्किल हो जाएगा। इसकी एक वजह यह भी है कि सूचना के बाद मौके पर विभाग के कर्मचारी समय पर नहीं पहुंच पाते।