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सीरत को पहचाना, कहा मेरे फोन से की थी कॉल

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- एकम सिंह ढिल्लों हत्याकांड की जिला अदालत में हुई सुनवाई
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- सैलून मालिक, फोन स्टोर वालों समेत कई लोगों की हुई गवाही
- दो चरणों में हुई गवाही, सीरत व एकम के परिवार वाले भी रहे मौजूद

अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। एकम सिंह ढिल्लों हत्याकांड की मंगलवार को जिला अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत में उस सैलून मालिक व उसके मुलाजिमों की गवाही हुई। जहां पर एकम की हत्या के बाद सीरत सबसे पहले गई थी। इस दौरान सैलून में काम करने वाले युवक ने अदालत में सीरत को पहचाना। साथ ही अदालत को बताया कि जिस दिन एकम की हत्या हुई थी, उस दिन सीरत उनके सैलून में आई थी। साथ ही उसने उनके बाल धोए थे। इतना ही नहीं उसने अदालत को यह भी बताया कि सीरत ने उसका ही मोबाइल लेकर अपनी मां को कॉल की थी। साथ ही फोन पर कहा था कि बच्चों को लेकर चले जाओ। इस दौरान अदालत में सैलून का सीसीटीवी फुटेज भी दिखाया गया। इसमें वह भी साफ दिख रही है। इसके अलावा सैलून के मालिक ने भी अपनी गवाही दी है। इस दौरान उन्होंने फुटेज में भी सीरत को पहचाना। यह गवाही करीब दो घंटे तक दो चरणों में चली। पहले चरण लंच टाइम से पहले का था। इसमें सैलून मालिक व उसके मुलाजिम की गवाही हुई थी। जबकि दूसरे चरण में टेलीफोन बेचने वाले स्टोर के मालिक ने अपने बयान दर्ज करवाए हैं। इस दौरान अदालत में सीरत को भी पेश किया गया। वह काले रंग के सूट व कोट में थी। जबकि उसके रिश्तेदार व वकील भी अदालत में मौजूद रहे। इस दौरान पेशी के बाद जाते हुए सीरत ने अपने रिश्तेदारों से चंद मिनटों के लिए बातचीत की। वहीं, अदालत में मृतक एकम के पिता जसपाल सिंह व भाई दर्शन सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है।
जिक्रयोग है कि एकम सिंह ढिल्लों का शव 19 मार्च 2017 को पुलिस ने फेज-3बी1 स्थित बीएमडब्ल्यू कार की बैक सीट पर सूटकेस से बरामद किया था। इस संबंध में पुलिस को एक ऑटो वालों ने सूचित किया था। इसके बाद पुलिस ने एकम की पत्नी, उसके भाई और मांग पर केस दर्ज किया था। हालांकि बाद में भाई और मां ने पुलिस की इन्वेस्टिगेशन ज्वाइन कर ली थी। पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया था।
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सफाई वाले के बयान हो चुके हैं दर्ज
इस मामले में गवाहों की गवाही काफी समय से चल रही है। इससे पहले एकम के घर में काम करने वाली महिला मुलाजिम अपने बयान अदालत में दर्ज करवा चुकी है। उसने भी हत्या वाले दिन जो देखा था वह अदालत के सामने बयान कर दिया था।

तुल बहादुर पुलिस के लिए बना पहेली
इस मामले का एक अहम गवाह आटो चालक तुल बहादुर है। इसने की एकम के शव वाले सूटकेस को कार में रखते देखा था। वह अब पुलिस के लिए पहेली बन गया है। क्योंकि कुछ समय पहले उस धमकियां मिली थी, जिसके बाद वह नेपाल चला गया था। जब पुलिस वाले उसकी तलाश में नेपाल पहुंच गए तो उन्हें वहां से निराशा मिली। वहां पुलिस को उसके बारे में कोई जानकारी हाथ नहीं लग पाई है। दूसरी तरफ पुलिस के पास तुल बहादुर का लोकल पता नहीं है। वहीं, अदालत ने तुल बहादुर के लोकल एड्रेस बारे भी पता करने के आदेश पुलिस को दिए हैं।
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ऑटो वाले से लेकर मोबाइल शॉप वाले तक सब गवाह
पुलिस द्वारा मामले में 55 गवाह बनाए गए थे। इनमें आटो चालक तुल बहादुर भी शामिल हैं, जिसने फेज-3बी1 स्थित सीरत को 19 मार्च को कार की पिछली सीट पर सूटकेस में शव रखते देखा था। वहां पर सीरत का परिवार किराये पर रह रहा था। इसके अलावा सीरत की नौकरानी , गुरुद्वारा अंब साहिब के दो सेवादार भी गवाह बनाए गए हैं। उस मोबाइल शॉप के मालिक को भी गवाह बनाया गया है। हत्या के बाद जहां से सीरत ने मोबाइल फोन खरीदा था।
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