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ब्रिगेडियर बनकर खुलवाया खाता, अब पांच साल बीतेंगे जेल में

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जिला अदालत ने साढ़े चार साल पुराने मामले में सुुनाया फैसला
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दोषी पर अदालत की तरफ से 25 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है

अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। जिला अदालत ने साढ़े चार साल पुराने एक मामले में चंडीगढ़ के सेक्टर -51डी निवासी महिंद्र सिंह को दोषी ठहराते हुए पांच साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 25 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। सजा सुनाए जाने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। उस पर आरोप था कि एक ब्रिगेडियर के घर के पते पर बैंक खाला खुलवाया था। जोकि अदालत में साफ हो गया।
जानकारी के मुताबिक इस संबंधी साल 2014 में पुलिस स्टेशन फेज-11 में ठगी का केस दर्ज किया गया था। पुलिस को दी शिकायत में स्टेट बैंक आफ इंडिया फेज-10 मोहाली की ब्रांच के मैनेजर मुनीष गुप्ता ने बताया था कि उनके बैंक में चंडीगढ़ निवासी महिन्द्र सिंह ने खुद को ब्रिगेडियर नवाब सिंह बता कर अप्रैल 2014 में बैंक खाता खुलवा लिया था। हैरानी इस बात की रही कि खाता खुलवाते समय नवाब सिंह के नाम पर जाली ड्राइविंग लाइसेंस व जाली वोटर कार्ड भी बैंक को दिया गया था। इतना ही नहीं, असली ब्रिगेडियर नवाब सिंह के घर का एड्रेस कोठी नंबर 878, फेज-3बी2 मोहाली भी दिया गया। बैंक में खाता खोलने के बाद बैंक द्वारा एक थैंक्स लैटर जब उस एड्रेस पर भेजा गया तो वह लैटर बैंक को वापिस आ गया। उसके बाद शक हुआ तो बैंक ने अपने स्तर पर जांच करवाई तो पता चला कि खाता खुलवाने वाले व्यक्ति का असली नाम महिन्द्र सिंह है। कोठी नंबर 878 का मालिक ब्रिगेडियर नवाब सिंह है जो कि विदेश में रहते हैं। पुलिस स्टेशन फेज-11 में उस समय के बैंक मैनेजर मुनीष गुप्ता की शिकायत पर 19 जुलाई 2014 को गुरदीप सिंह निवासी आदर्श कालोनी, बलौंगी, महिन्द्र सिंह निवासी सेक्टर 51डी चंडीगढ़ तथा अमनदीप सिंह उर्फ अमन निवासी गांव बाकरपुर (मोहाली) खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420, 465, 467, 468, 471, 120बी तहत केस दर्ज किया गया था। इस केस की सुनवाई मोहाली अदालत में चल रही थी।
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इन धाराओं में सुनाई गई है सजा
अदालत ने दोषी महिन्द्र सिंह को धारा 419 में तीन वर्ष कैद, 420 में 5 वर्ष कैद व दस हजार रुपये जुर्माना, धारा 467 में पांच वर्ष कैद व दस हजार रुपये जुर्माना, धारा 471 में तीन वर्ष कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना करके जेल भेज दिया है।
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