गुरुद्वारा साहिब में दो महीने जूते पालिश कर नाबालिग भुगतेगा सजा
नाबालिग दोषी को सुधारने के लिए जिला अदालत ने सुनाई अनूठी सजा
दो महीने तक दोषी रोजाना शाम चार से छह बजे तक करेगा सेवा
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
जिला अदालत ने लड़ाई झगड़े के एक मामले में नाबालिग को दोषी ठहराते हुए उसे सुधारने के लिए एक अनूठी सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी को शहर के ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब में दो महीने तक संगत के जूते पालिश करने के आदेेश दिए हैं। इतना ही नहीं, उसके गुरुद्वारा साहिब में आने और जाने के समय से लेकर किए गए काम का सारा रिकॉर्ड रखा जाएगा। इस बारे में दो महीने बाद अदालत को सूचित किया जाएगा। जिसके बाद अदालत द्वारा दोषी के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी मुताबिक, अदालत ने अपने आदेश में साफ कहा है कि दोषी को मोहाली के एक प्रसिद्ध गुरुद्वारा साहिबान में रोजाना दो घंटे शाम चार से छह बजे तक संगत के जूते पालिश करने होंगे। हर सप्ताह एक दिन उसकी छुट्टी रहेगी। अदालत ने आरोपी द्वारा की जा रही इस ड्यूटी पर नजर रखने के लिए एक अधिकारी को तैनात किया है। दो महीने लगातार ड्यूटी निभाने के बाद आरोपी की रिपोर्ट अदालत द्वारा मांगी जाएगी।
यह था मामला
जानकारी के मुताबिक नाबालिग आरोपी व उसके अन्य कई पारिवारिक सदस्यों के खिलाफ 22 दिसंबर 2013 को पुलिस स्टेशन लालड़ू में आईपीसी की धारा 307 व अन्य कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। इस केस की सुनवाई मोहाली की जिला अदालत में चल रही थी।
पहले भी सुनाई जा चुकी है सजा
यह पहला मौका नही है। इससे पहले भी इस तरह की सजा जिला अदालत द्वारा सुनाई जा चुकी है। पहले एक चोरी के मामले में एक आरोपी को दोषी ठहराते हुए अदालत ने उसे लांडरां टी प्वाइंट पर ट्रैफिक सुधारने के आदेेश दिए थे। इसी तरह एक अन्य मामले में दोषी फेज-11 के गुरुद्वारा साहिब में कार सेवा की ड्यूटी लगाई थी।