- तीन डेट के बाद चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन की टेंडर की टेक्निकल बिड खुली, फाइनेंशियल बिड के लिए करें इंतजार
- यात्रियों को चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर मिलने वाली बुनियादी सुविधाएं भी वर्ल्ड के इंतजार में पेंडिंग पड़ी हैं
दीपक शाही
जीरकपुर। तारीख पे तारीख...तारीख पे तारीख...तारीख पे तारीख मिलती रही। रेल मंत्री जी वर्ल्ड क्लास का टेंडर कब पास होगा? जो काम 31 मई 2018 में शुरू होना था, उसकी टेंडर रेजुलेशन की प्रक्रिया पांच माह बाद क्यों शुरू की गई। क्योंकि जिन तीन कंपनियों ने टेक्निकल बिड खुलने के बाद कागजात जमा करवाए हैं, उनकी रेलवे जांच करेगा और उसके बाद रेलवे की ओर से तय किए गए रिजर्व प्राइज के मानकों पर खरा उतरने वाले कंपनियों को फाइनेंशियल टेंडर प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। कुल मिलाकर अभी भी ट्राइसिटी के लोगों को चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं के लिए इंतजार करना पड़ेगा। वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन चंडीगढ़ में बनाए जाने का काम कब शुरू होगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। यहां के स्थानीय लोगों की माने तो अगर ऐसे हीं वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन की प्रक्रिया चलती रही तो आने वाले समय में ये स्टेट गवर्नमेंट की तरह केंद्र का चुनावी मुद्दा न बनकर रह जाए।
पहले फेज का काम शुरू नहीं हुआ, पूरा कैसे होगा
अगर टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी हो जाती तो 90 दिनों के भीतर चंडीगढ़ में होने वाले वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन के पहले फेज के निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है, लेकिन यहां तो अभी टेक्निकल बिड ही क्लीयर नहीं हुई है, काम कैसे शुरू होगा। बता दें कि 140 करोड़ की लागत से 24 माह में 2020 तक इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अब सवाल ये है कि इस प्रोजेक्ट के पहले फेज का काम शुरू नहीं हो पाया तो दूसरे फेज जिसमें कामर्शियल सेक्टर डेवलप किए जाने थे, वो कैसे शुरू होगा, काम की रफ्तार को देखकर ऐसा लग रहा है कि ये प्रोजेक्ट भी ठंडे बस्ते में चला गया।
खाने पीने के स्टॉल और कंकोर्स ब्रीज का करना होगा इंतजार
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के पंचकूला और चंडीगढ़ साइड पहले फेज में बहुमंजिला इमारत तैयार किया जाना है। इस इमारत में फर्स्ट और सेकेंड फ्लोर बनेेगा। इसमें यात्रियों से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इनमें वेटिंग रूम, लाउंज, खाने-पीने की सुविधा शामिल है। ये इमारत 60 मीटर चौड़ी और 42 मीटर गहरी होगी। इसके अलावा पंचकूला और चंडीगढ़ साइड को कंकोर्स ब्रिज से जोड़ा जाएगा। यह करीब 36 मीटर चौड़ा होगा। कंकोर्स पर वेटिंग के दौरान लोग मोबाइल चार्ज भी कर सकेंगे। इसके अलावा यात्रियों के बैठने की भी सुविधा होगी। वहीं दो सबवे का निर्माण भी किया जाना है। ये तभी संभव होगा, जब टेंडर की प्रक्रिया पूरी होंगी।
इन सुविधाओं के लिए ट्राइसिटी के लोगों को करना होगा इंतजार
आठ प्लेटफार्म, दो पैसेंजर सब वे, 12 स्केलेटर्स और 6 एलिवेटर्स, स्टेशन में पांच मंजिला बिल्डिंग की मिलेगी परमिशन, स्टेशन डिसेबल्ड फ्रेंडली होगा, चंडीगढ़ की तरह रेलवे स्टेशन की बिल्डिंग को बरकरार रखा जाएगा, पंचकूला की तरफ बने बिल्डिंग को री डिजाइन, तीन या चार स्टार होटल, 15 एकड़ जमीन को वेयर हाउस के लिए रखा जाएगा। कामर्शियल सेक्टर के तहत आवासीय कांप्लेक्स।
क्या कहना है जीएम सिविल का
इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलेपमेंट अथॉरिटी के सिविल जीएम वीबी सूद ने बताया कि वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन के लिए टेंडर रेजुलेशन की प्रक्रिया शुुरू कर दी गई है। टेक्निकल बिड खुलने के बाद तीन कंपनियों ने अपने कागजात जमा करवाए हैं। इसकी जांच के बाद फाइनेंशियल टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।