मोहाली। फेज एरिया, बाजारों और ट्रैफिक लाइटों पर भिक्षावृत्ति में लगे बच्चों को बचाने के लिए जिला प्रशासन ने एक बार फिर सख्ती दिखाई है। एक विशेष अभियान में 12 बच्चों को भीख मंगवाने के कार्य से छुड़ाया गया। यह कार्रवाई प्रोजेक्ट जीवनज्योत 2.0 के तहत की गई, जो पंजाब सरकार की तरफ से बच्चों के शोषण को रोकने के लिए चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान जब टीमों ने सड़कों पर नजर रखी, तो उन्हें ऐसे कई बच्चे मिले जो या तो खुद भीख मांग रहे थे, या किसी वयस्क के साथ मजबूरन खड़े थे। बच्चों को तुरंत वहां से रेस्क्यू कर सरकारी देखभाल केंद्रों में भेजा गया। प्रशासन के अनुसार जब तक उनकी सही पहचान और दस्तावेज सामने नहीं आते, तब तक उन्हें देखभाल और सुरक्षा दी जाएगी।
डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल ने बताया कि जिले में बच्चों से भीख मंगवाना एक गंभीर अपराध है और इसके लिए नियमित निगरानी की जा रही है। वहीं, जिला बाल सुरक्षा अधिकारी नवप्रीत कौर ने कहा कि जिन लोगों को बच्चों को जबरन भीख मंगवाते पाया गया, उन पर किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई हो सकती है।
बच्चों की सही पहचान न हो पाने की स्थिति में डीएनए जांच की भी सिफारिश की जा सकती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अगर कहीं कोई बच्चा भीख मांगते दिखाई दे, तो तुरंत इसकी सूचना दें, ताकि समय रहते हस्तक्षेप कर ऐसे बच्चों को सुरक्षित किया जा सके।