खरड़। नजदीकी गांव मदनहेड़ी में पीलिया की बीमारी फैलने के कारण गांव के 12 बच्चे बीमार हो गए हैं। जिनमें से चार बच्चों की हालत गंभीर है। गांव में पीलिया की बीमारी फैलने से गांव में डर का माहौल है। गांववासियों ने कहा कि गांव में पीने वाले पानी में सीवरेज की सप्लाई आने से गांव में पीलिया की बीमारी फैली है। वाटर सप्लाई विभाग द्वारा कोई कार्रवई नहीं की जा रही है।
गांव के सरपंच जसविंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने वाटर सप्लाई विभाग से सबंधित जेई को इस समस्या के बारे में बताया लेकिन विभाग के जेई ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और गांव में आकर स्थिति भी नहीं देखी। उन्होंने कहा कि इस समस्या के बारे में उन्होंने तकनीकी शिक्षा मंत्री चरणजीत सिंह को बताया जिस पर उन्होंने अपने प्रतिनिधियों रूबी बडाला, हरभजन सिंह त्रिपड़ी और राजिंदर चोल्टा कलां के माध्यम से स्वास्थय विभाग को इस स्थिति के बारे में बताया।
उन्होंने बताया कि गांव मदनहेड़ी में पीलिया की बीमारी फैलने की खबर मिलते ही स्वास्थय विभाग को हाथों पैरों की पड़ गई। इसके बाद प्राइमरी हेल्थ सेंटर घडुआं की एसएचओ डॉ. कुलजीत कौर ने तुरंत डॉ. सुमित, हेल्थ इंस्पेक्टर अवतार सिंह, हेल्थ वर्कर रवि भूषण, प्रेम सरूप, एएनएम नरेश कुमारी,फार्मासिस्ट मनदीप कौर,फार्मासिस्ट गुरबचन सिंह की टीम को गांव में भेजा और साथ ही मरीजों के खून की जांच के लिए जिला हेल्थ टीम डाक्टर दीप्ति को भेजा।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में पीने वाले पानी के सैंपल लैबोरेटरी में भेज दिए है। जिनकी रिपोर्ट बीस दिन के बाद आएगी। पीलिया की चपेट में तीन से 10 साल की उमर के बच्चे आए हैं। जिनमें सुखजोत सिंह पुत्र सतिंदर सिंह, सहजप्रीत कौर पुत्री सुखदर्शन सिंह, संदीप कौर पुत्री सुखदर्शन सिंह, एकमजोत पुत्र प्रदीप सिंह, जसराज सिंह पुत्र जगतार सिंह, जसकरण सिंह पुत्र जसविंदर, पवनजीत पुत्र जसप्रीत, गुरनूर सिंह पुत्र सरपंच जसविंदर सिंह, रूपिंदर कौर पुत्री दिलबाग सिंह तथा हकीकत सिंह पुत्र जसविंदर सिंह शामिल हैं।