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600 स्टूडेंट्स ने पोस्टर बना बताए तंबाकू के नुकसान

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मोहाली। 600 स्टूडेंट्स ने तंबाकू से होने वाले नुकसान को पोस्टर्स पर रंगों के साथ उकेरा। विश्व तंबाकू निषेध दिवस को समर्पित यह आयोजन जनरेशन सेवियर एसोसिएशन द्वारा करवाया गया। एसोसिएशन पिछले 31 साल से तंबाकूनोशी के खिलाफ जनचेतना कार्यक्रम कर रही है।
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बुधवार को पेंटिंग मेकिंग में मोहाली के कई स्कूलों के 600 स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया। बतौर मुख्यातिथि सिविल सर्जन डॉ. रीटा भरद्वाज ने कहा कि आज के दौर में समाज की सेहत के लिए तंबाकू सबसे बड़ी चुनौती है। अगर बच्चों को शुरुआत से ही तंबाकू से बचा लिया जाए तो दूसरे नशों पर भी लगाम लगाई जा सकती है।
फेज-3ए के खालसा कालेज ऑफ टेक्नोलॉजी एंड बिजनेस स्टडीज में करवाए गए कार्यक्रम के दौरान तंबाकू के विभिन्न जानलेवा व सामाजिक-आर्थिक पहलुओं को रंगों के माध्यम से पोस्टर्स की शक्ल में बयां किया गया। इसमें चौथी से 12वीं कक्षा तक के स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया। इन्हें चार ग्रुपों में बांटा गया था। हर ग्रुप से पहला, दूसरा व तीसरा स्थान हासिल करने वाले स्टूडेंट्स को विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर सम्मानित किया जाएगा।
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1988 में हुई थी तंबाकू निषेध दिवस की शुरुआत
विश्व को तंबाकू मुक्त और स्वस्थ बनाने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन यानि डब्ल्यूएचओ द्वारा तंबाकू निषेध दिवस की शुरुआत की गई थी। पहली बार 7 अप्रैल 1988 को डब्ल्यूएचओ की वर्षगांठ पर इसका आयोजन किया गया था, जबकि उसके बाद हर साल 31 मई को तंबाकू निषेध दिवस के तौर पर मनाया जाता है। वर्ष 2008 में विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाते हुए दुनिया भर में तंबाकू के प्रचार, विज्ञापन और प्रायोजन को प्रतिबंधित कर दिया गया था।

खुद जानने से आता है युवाओं की सोच में बदलाव
जनरेशन सेवियर एसोसिएशन की संस्थापक स्व. अमतेशवर कौर ने वर्ष 1988 में विश्व तंबाकू निषेध दिवस की शुरुआत के साथ ही युवाओं को जागरूक करने के लिए पोस्टर मेकिंग की शुरुआत की थी। एसोसिएशन की प्रधान उपिंदरप्रीत कौर गिल ने बताया कि संस्था पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में तंबाकू कंट्रोल को लेकर जागरूकता के लिए काम कर रही है। स्टूडेंट्स द्वारा तंबाकू के दुष्प्रभावों को तस्वीरों के जरिये उकेरने के लिए उन्हें पढ़ना और जानना पड़ता है। इससे उन्हें तंबाकू के दुष्परिणामों को खुद ही समझने का मौका मिलता है और उनकी सोच में बदलाव आता है। संस्था की उपप्रधान सुरजीत कौर सैनी का कहना है कि अगर युवाओं को 20 साल की उम्र तक तंबाकू के प्रभाव में आने से बचा लिया जाए तो वो सारी उम्र इसके दुष्प्रभाव से बचे रह सकते हैं।
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