सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी से मरीज परेशान
इलाज के लिए घंटों करना पड़ता है इंतजार, डॉक्टरों पर भी काम का ज्यादा बोझ
गायनी विभाग में 5 डॉक्टरों में से 2 छुट्टी पर, 3 डॉक्टरों के सहारे चल रहा काम
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। सिविल अस्पताल में रोजाना आने वाले मरीजों को डॉक्टरों की कमी की वजह से परेशान होना पड़ रहा है। रोजाना 400 से ज्यादा नए मरीज आते हैं। डॉक्टरों की कमी के कारण जहां मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं डॉक्टरों पर भी काम का ज्यादा बोझ है। बुधवार को जब अमर उजाला की टीम ने मोहाली सिविल अस्पताल का दौरा किया तो वहां मरीजों को अपनी जांच के इंतजार में तंग होते पाया। अस्पताल प्रबंधन से बात की तो सामने आया कि डॉक्टरों की कमी न सिर्फ मरीजों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है, बल्कि ड्यूटी डॉक्टर्स को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
यह है विभागों की स्थिति
अस्पताल में रोजाना सबसे ज्यादा मरीज गायनी विभाग में आते हैं। विभाग में 5 डॉक्टर कार्यरत हैं जिनमें से 2 चाइल्ड केयर लीव पर हैं। लिहाजा 3 डॉक्टरों के सहारे काम चल रहा है। सेवा नीति के तहत मिलने वाले अवकाश लेना कर्मचारी का अधिकार है, लेकिन मरीजों की समस्या का समाधान करना प्रबंधन व सरकार का काम है जिसमें सरकार विफल साबित हो रही है। अस्पताल में दूसरे नंबर पर मेडिसन विभाग में मरीज पहुंचते हैं। इस विभाग में महज 3 डॉक्टर हैं जिनमें से एक मैटरनिटी लीव पर है। मरीजों की संख्या के हिसाब से तीसरा नंबर आर्थो विभाग का है। यहां महज दो सर्जन डॉक्टर हैं, जिनमें से एक ओपीडी संभालता है और दूसरा आपरेशन। इसी तरह रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट में महज एक डॉक्टर काम कर रहा है जहां रोजाना 50 से ज्यादा मरीज पहुंचते हैं।
कोट्स
डॉक्टर्स को अपने काम के साथ अन्य प्रबंधकीय काम भी संभालने होते हैं जो उनकी ड्यूटी का हिस्सा हैं। मरीजों की देखभाल में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। मेडिकल स्टाफ की कमी जरूर है, लेकिन आला अधिकारियों को इसके बारे में समय-समय पर सूचित किया जाता है। सरकार की तरफ से प्रयास जारी हैं। जल्द ही मेडिकल स्टाफ की कमी को पूरा कर दिया जाएगा।
-डॉ. विजय भगत, एसएमओ-2