फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जीरपकुर पुलिस ने 60 वाहनों के चालान काटे

विज्ञापन
विज्ञापन
- जीरपकुर पुलिस ने 60 वाहनों के चालान काटे
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
जीरकपुर। जीरकपुर में कई शॉपिंग स्टोर्स ने सर्विस लेन पर अवैध पार्किंग बना रखी है, जिसे लेकर ट्रैफिक पुलिस आज विशेष तौर पर अंबाला रोड पर स्थित मॉल के बाहर तैनात रही व कई चलान किए। इस रोड पर सबसे ज्यादा गाड़ियां सर्विस लेन पर पार्क होती हैं। नतीजा पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रहती है।
वहीं आगे कुछ ढाबों के कारण भी हाईवे और सर्विस लेन दोनों हीं जगहों पर गाड़ियों की रॉन्ग पार्किंग हो रही है। फिलहाल ट्रैफिक पुलिस ने शुक्रवार को हाईवे की सर्विस लेन पर खड़े 60 वाहनों के चालान काटे।
विज्ञापन

डीसी गुरप्रीत कौर सपरा ने 4 सितंबर को ट्रैफिक पुलिस को आदेश दिए थे कि चंडीगढ़-अंबाला रोड पर किसी भी तरह से रॉन्ग पार्किंग न हो और सर्विस लेन भी खाली रहनी चाहिए। इसके लिए जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाई जानी चाहिए। इसके बाद जीरकपुर पुलिस ने सर्विस रोड्स पर ट्रकों की पार्किंग तो बंद करवा दी थी अब ट्रैफिक पुलिस दिवाली को देखते हुए इन शॉपिंग स्टोर्स के बाहर सर्विस लेन पर गाड़ियों के चालान काटने शुरू कर दिए हैं। चंडीगढ़ बैरियर के हालात कुछ सुधरे हैं, लेकिन जीरकपुर एरिया में इस हाईवे पर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाकर चालान करने को कहा गया है। इसके लिए डीसी ने एसएसपी कुलदीप सिंह चहल को भी लिखा था।

बैंक्विट और मैरिज पैलेस का भी हाल बूरा
चंडीगढ़-अंबाला रोड के अलावा यहां पंचकूला और पटियाला हाईवे पर भी कई बैंक्विट और मैरिज पैलेस हैं। इनमें से कई के पास पार्किंग की जगह कम है। शादी के समारोह में बुकिंग 500 मेहमानों की है तो पार्किंग भी 500 गाड़ियों की होनी चाहिए पर ऐसा नहीं है। यहां कुछ बैंक्विट और मैरिज पैलेसों में 50 गाड़ियों की भी पार्किंग नहीं है, इसलिए इनकी पार्किंग हाईवे की सर्विस लेन पर ही होती है। पुलिस को इन गाड़ियों पर भी कार्रवाई करने की जरूरत है, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही।
विज्ञापन


क्या कहना है ट्रैफिक इंस्पेक्टर का
ट्रैफिक इंस्पेक्टर राजिंदर सिंह ने बताया कि कुल 60 चालान किए गए। चंडीगढ़ बैरियर के पास सर्विस लेन पर अब कोई ट्रक खड़ा नहीं हो रहा है। आगे इस सड़क पर कारें खड़ी हो रही हैं। उनके चालान किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें