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परीक्षा केंद्रों पर रहेगी कैमरे की नजर

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‘अब संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर रहेगी कैमरे की नजर’
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फेज-सात में एक समागम में बोलीं शिक्षामंत्री
अब साल में चार डीपीसी होगी, तय समय में मिलेगी प्रमोशन
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
सूबे की शिक्षा मंत्री अरुणा चौधरी ने कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से अध्यापकों, विद्यार्थियों और सरकारी स्कूलों के कल्याण के लिए बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 400 स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम ऑप्शन के तौर पर शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग में प्रमोशन में आई रुकावट को तोड़ने के लिए साल में चार बार विभागीय पदोन्नति कमेटी (डीपीसी) करने का फैसला किया गया है। इसके अलावा सीमावर्ती क्षेत्र के स्कूलों में अध्यापकों की कमी को पूरा करने के लिए अलग सीमावर्ती काडर बनाने का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। अध्यापकों की वरिष्ठता सूची जारी कर दी गई है। अध्यापकों के 4-9-14 मामलों और नए भर्ती अध्यापकों के परख काल समय पूरा होने के पत्र जारी करने के अधिकार निमभन स्तर पर दिए गए हैं। बेहतर और रचनात्मक नतीजे लेने के लिए ग्रेस अंक खत्म कर दिए गए हैं और नकल को रोकने के लिए संवेदनशील परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को बधाई देते हुए जनपक्षीय फैसलों को सफलता से लागू होने का श्रेय भी उनको दिया। इस मौके पर विधायक बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि इस नई पहल के लिए मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि प्री प्राइमरी कक्षाओं के शुरू होने से जहां सरकारी स्कूलों में दाखिले बढ़ेंगे। वहीं इसका सीधा फायदा गरीब परिवारों के बच्चों को मिलेगा, जो अधिक फीस होने के कारण प्राइवेट स्कूलों में दाखिला नहीं ले पाते। उन्होंने कहा कि अब नर्सरी की पढ़ाई भी सरकारी स्कूलों में होगी। सिद्धू ने शिक्षा विभाग का धन्यवाद भी किया जिन्होंने इस अहम फैसले को लागू करने की औपचारिक शुरुआत मोहाली से की है।
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स्कूलों के अध्यापकों की मांग हुई पूरी
शिक्षा विभाग के सचिव कृष्ण कुमार ने कहा कि अध्यापकों की लंबित मांग भी पूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि अध्यापकों की यह मांग होती थी कि सरकारी स्कूलों में दाखिले बढ़ाने और अच्छे प्रबंधों के लिए प्री प्राइमरी कक्षाएं शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा प्रबंधों को मजबूत करने की शुरुआत हो गई है, इसके सकारात्मक परिणाम तीन वर्षों के भीतर आने शुरू हो जाएंगे। उन्होंने सभी अध्यापकों को भी बधाई दी जिन्होंने इस फैसले को अभियान की तरह चलाया और माता-पिता को जागरूक करके कम समय में 1.5 लाख के करीब बच्चों का एडमिशन करवाया।
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