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नौ गाडिय़ों में छात्र कश्मीर के लिए रवाना

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पुलिस सुरक्षा में नौ गाड़ियों में छात्र कश्मीर के लिए रवाना
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समाजसेवी संस्था खालसा एड के सहयोग से छात्रों को भेजा गया कश्मीर
महिला स्टूडेंट्स को सुरक्षा के चलते प्लेन से भेजा गया
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। पुलवामा आतंकी हमले के बाद कश्मीरी छात्रों को निशाना बनाने की खबरों के बीच मंगलवार सुबह करीब 125 कश्मीरी छात्र देहरादून से मोहाली पहुंचे। इन्हें समाजसेवी संस्था खालसा एड द्वारा फेज-3बी1 साचा धन गुरुद्वारा साहिब में खाना व अन्य सुविधाएं दी गईं। इसके बाद नौ गाड़ियों में कड़ी पुलिस सुरक्षा में उन्हें जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना किया गया जबकि महिला स्टूडेंट्स को प्लेन से श्रीनगर भेजा गया। हालांकि इस दौरान गुरुद्वारा सिंह शहीदां सोहाना और लांडरां में बने शेल्टर होम में भी कश्मीरी विद्यार्थी रह रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक जैसे ही देहरादून से खालसा एड के सहयोग से कश्मीरी विद्यार्थी मोहली पहुंचे तो साचा धन गुरुद्वारा साहिब में उन्हें ठहराया गया। इस दौरान उनके खाने-पीने का इंतजाम किया गया था। कई अन्य सामाज सेवी संस्थाएं भी विद्यार्थियों की मदद के लिए आगे आ गई थीं। इसके अलावा पुलिस सुरक्षा के भी पूरे इंतजाम किए गए थे। एसएसपी मोहाली हरचरन सिंह भुल्लर ने कहा कि उनकी तरफ से कश्मीर जा रहे विद्यार्थियों को पूरी सुरक्षा मुहैया करवाई गई है। साथ ही पुलिस हर स्थिति पर नजर रखे हुए है। डीसी गुरप्रीत कौर सपरा ने कहा कि उनकी तरफ से विद्यार्थियों को हर मदद मुहैया करवाई जा रही है। जिले में किसी तरह की अप्रिय घटना सामने नहीं आई है। खालसा एड मोहाली के कोऑर्डिनेटर अमरप्रीत सिंह ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि कश्मीरी विद्यार्थियों को परेशान किया जा रहा है तो उनकी संस्था लोगों की सहायता के लिए आगे आई।
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माहौल ठीक होने के बाद आएंगे वापस
श्रीनगर निवासी दानिश नाजीर ने कहा कि सोमवार को वह देहरादून से घर के लिए निकले थे। खालसा एड की तरफ से उन्हें वाहन मुहैया करवाए गए थे। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले देहरादून में उन्हें कुछ लोगों ने डराया था। जिसके बाद उन्होंने वहां से निकलने का फैसला लिया। माहौल ठीक होने के बाद वह वापस आएंगे।
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घरों से निकालना शुरू कर दिया था
शाहीद नाजीर ने बताया कि जैसे ही पुलवामा में आतंकी हमला हुआ था। उसके बाद देहरादून में कश्मीरी विद्यार्थियों को लोगों ने घरों से निकालना शुरू कर दिया था। ऐेसे में उनके घर वालों ने कहा कि जब तक माहौल खराब है, वह वापस आ जाएं। इसके बाद उन्होंने कश्मीर जाने का फैसला लिया। वह करीब दो साल से वहां पर पढ़ रहे थे। पहले इस तरह का कोई मामला नहीं आया।
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आतंकी हमले के बाद दी गालियां
देहरादून से आए आदिल रहमान ने बताया कि वह भी देहरादून में अपनी पढ़ाई कर रहे थे। पुलवामा आतंकी हमले के बाद वहां पर कुछ लोगों ने उन्हें गालियां तक दी। जिसके बाद उन्होंने वहां से निकलने का फैसला लिया।
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