स्टाफ से कहा- किसी को 20-25 गोलियां लगीं हो तो उसका इलाज करते हो या रेफर कर देते हो
- 15 मिनट तक अटकीं रहीं मरीजों और स्टाफ की सांसें
- किसी को ढूंढ रहे थे, जाने के बाद पहुंची पीसीआर टीम
- अस्पताल की सुरक्षा पर उठे सवाल, पुलिस को दी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
खरड़। दो गाड़ियों में सवार करीब 8-10 हथियारबंद युवकों ने बुधवार देर रात करीब एक बजे खरड़ के सरकारी अस्पताल में घुसकर दहशत फैला दी। इमरजेंसी वार्ड में पिस्टल और धारदार हथियार लहराते युवकों को देख अफरातफरी मच गई। ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने जब युवकों को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने स्टाफ के साथ बदसलूकी शुरू कर दी।
अस्पताल स्टाफ के मुताबिक, हथियारबंद युवक किसी को ढूंढ रहे थे। इस दौरान उन्होंने अस्पताल स्टाफ से पूछा कि अगर किसी को 20-25 गोलियां लगीं हों तो आप उसका इलाज यहीं करते हो या फिर रेफर कर देते हो। मौके पर मौजूद डॉक्टर ने कहा कि ऐसे गंभीर मरीजों को चंडीगढ़ के लिए रेफर कर दिया जाता है। फिर युवकों ने ये भी पूछा कि यदि गोली सिर में लगे तो आदमी मौके पर ही मर जाता है या बच जाता है। इस पर स्टाफ ने जवाब दिया कि ऐसे केस में किसी का बचना मुश्किल है। इसके बाद हथियारबंद युवक ड्यूटी पर तैनात एक महिला डाक्टर के पास पहुंचे और एक नाम बताते हुए कहा कि इस नाम का कोई आदमी अस्पताल में भर्ती हुआ है क्या। डॉक्टर ने इन्कार करते हुए कहा कि इस नाम का कोई व्यक्ति नहीं आया है।
इसके बाद हथियारबंद युवक इमरजेंसी वार्ड में जांच कर वहां से निकल गए। करीब 15 मिनट तक हथियारबंद युवक अस्पताल में रहे। इस दौरान दहशत से मरीजों और स्टाफ की सांसें अटकीं रहीं। मौके पर न तो कोई सुरक्षाकर्मी था न पुलिस। इस घटना से अस्पताल में दहशत का माहौल है। अस्पताल के सुरक्षा प्रबंधों पर भी सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल के एसएमओ की ओर से वीरवार को इस मामले में खरड़ पुलिस को शिकायद दी गई है। पुलिस जांच में जुट गई है।
सरकारी अस्पताल खरड़ में बुधवार रात को इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर डॉक्टर सैमियां सैनी की तैनाती थी। वीरवार को डॉक्टर सौमियां सैनी से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि रात में करीब 8-10 हथियारबंद युवक अस्पताल में घुसे थे। उन्होंने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में काफी गुंडागर्दी की। उन्होंने बताया कि युवकों के जाने के बाद उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पीसीआर को सूचना दी, जिस पर कुछ देर बाद पुलिस की पीसीआर मौके पर पहुंची। पुलिस को युवकों की गाड़ियों के नंबर दे दिए गए हैं।
युवकों के जाने के बाद बंद किए इमरजेंसी के दरवाजे
हथियारबंद युवकों के जाने के बाद अस्पताल स्टाफ ने इमरजेंसी वार्ड के सभी दरवाजे अंदर से बंद कर लिए। उन्हें डर था कि युवक दोबारा अस्पताल में आकर किसी अप्रिय घटना को अंजाम दे सकते हैं। बता दें कि इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों के साथ हो रही घटनाओं को देखते हुए सिविल सर्जन ने सुरक्षा कर्मचारी तैनात करने की मांग की थी, लेकिन अभी तक पुलिस अधिकारियों की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।
कोट
पुलिस प्रशासन से कई बार अस्पताल में सुरक्षाकर्मियों को तैनात करने के संबंध में बात की गई है। पिछले हफ्ते भी इस संबंध में कहा गया था तो आश्वासन मिला था कि जल्द ही सुरक्षाकर्मियों की तैनाती कर दी जाएगी। मामले में पुलिस को शिकायत दे दी गई है।
-डॉ. सुखविंदर दयोल, एसएमओ