सरकार की ओर से दवाओं के रेट बढ़ाए जाने के खिलाफ वीरवार को सिविल अस्पताल समीप लुधियाना के सांसद रवनीत सिंह बिट्टू और विधायक सुरिंदर डाबर की अगुवाई में सैकड़ों कांग्रेसियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
कांग्रेसियों ने रोड जाम कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके अलावा सरकार से बढ़ाए गए रेट वापस लेने की मांग की।
कांग्रेसी सांसद बिट्टू और विधायक डाबर ने सिविल अस्पताल में मरीजों से मुलाकात कर अस्पताल का हाल जाना। इस दौरान उन्होंने एसएमओ आरके करकरा को अस्पताल की कमियों को जल्द दूर करने की बात कही।
सरकार की ओर से दवाओं के कुछ रेट बढ़ा दिए गए। कांग्रेसी वर्कर वीरवार को सिविल अस्पताल के पास पहुंचे। उन्होंने रोड जाम कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। एसीपी सेंट्रल जसकिरत सिंह और थाना डिवीजन दो की पुलिस मौके पर पहुंची।
प्रदर्शन करने के बाद सांसद रवनीत बिट्टू कार्यकर्ताओं के साथ सिविल अस्पताल पहुंचे।
वहां पर सांसद को देख कर लोगों ने अपने दुख बताने शुरू कर दिए। बिट्टू और विधायक सुरिंदर डाबर कांग्रेसी वर्करों के साथ सिविल अस्पताल के एसएमओ आरके करकरा के पास पहुंचे।
एसएमओ के कमरे में विधायक डाबर और गोसाई में बहस
सांसद रवनीत सिंह बिट्टू और विधायक सुरिंदर डाबर कांग्रेसी वर्करों समेत एसएमओ के कमरे में पहुंचे।
वहां पूर्व सेहत मंत्री के पोते और युवा भाजपा नेता अमित गोसाई अपने साथी रमेश बांगड़ के साथ मौजूद थे। वे एसएमओ से बात कर रहे थे। सभी कांग्रेसी वर्कर अंदर दाखिल हुए तो विधायक सुरिंदर डाबर ने एसएमओ आरके करकरा को चेतावनी दी कि उक्त अस्पताल गरीब लोगों के लिए है।
यहां गरीबों का कम और अमीर का इलाज ज्यादा होता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अस्पताल के सभी मुलाजिमों को सुधर जाना चाहिए, नहीं तो कांग्रेसी वर्करों के साथ अस्पताल का घेराव किया जाएगा।
अमित गोसाई ने बात शुरू की तो सुरिंदर डाबर ने उन्हें चुप रहने को कहा। विधायक डाबर ने कहा कि वे अपना काम करे। इसके बाद अमित गोसाई चुपचाप बैठ गए और वहां से चले गए।