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पंजाब में डाक्टरों की हड़ताल से स्वास्थ्य सुविधाएं ठप

Tue, 11 Jun 2013 12:48 PM IST
चंढ़ीगढ़ ब्यूरो
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पंजाब में बड़े पैमाने पर तबादलों से नाराज डाक्टरों की हड़ताल की वजह से राज्य में स्वास्थ्य सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं।
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राज्य के 176 अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में हड़ताल की वजह से मरीजों को परेशान होकर वापस जाना पड़ा। इमरजेसीं सुविधाएं और डिलीवरी केसों को हड़ताल से मुक्त रखा गया। सोमवार देर शाम तक डायरेक्टर सेहत सुविधाएं डा. अशोक नय्यर और पीसीएमएस एसोसिएशन के पदाधिकारी की बातचीत चलती रही लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।

डाक्टरों ने राज्य के 176 अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में ओपीडी का बहिष्कार कर राज्य सरकार और सेहत मंत्री मदन मोहन मित्तल के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल की वजह से 22 जिला अस्पताल, दो मेडिकल कालेजों, 32 तहसील स्तर के अस्पतालों और 119  कम्यूनिटी हेल्थ सेंटरों पर सेहत सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं।
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विशेषज्ञ डाक्टरों के हड़ताल में हिस्सा न लेने के कारण कुछ अस्पतालों में मरीजों का ओपीडी में मेडिकल चेकअप हुआ। उधर, डाक्टरों की हड़ताल से निपटने के लिए सेहत विभाग ने ग्रामीण विकास विभाग से एक हजार डाक्टरों की मांग की थी लेकिन यह डाक्टर भी अस्पतालों में नहीं पहुंचे।

गतिरोध को दूर करने के लिए डायरेक्टर सेहत डा. अशोक नय्यर और पीसीएमएस एसोसिएशन के पदाधिकारियों से सोमवार देर शाम तक वार्ता का पहला दौर बेनतीजा रहा।

एसोसिएशन के प्रेसिडेंट डा. हरदीप सिंह ने बताया कि बातचीत के दौरान यह विश्वास दिलाया गया है कि तबादलों में हुई गड़बड़ियों में सुधार किया जाएगा और 76 कम्युनिटी हेल्थ सेंटरों को भी चलाया जाएगा।
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इन सेंटरों में तैनाती के लिए जल्द डाक्टरों की भर्ती की जाएगी। डा. सिंह ने कहा कि यह नाकाफी है। तबादलों को पूरी तरह रद कर नए सिरे से इन्हें अमल में लाया जाए।

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