पंजाब के लुधियाना के जगरांव में राखी के दिन भांजे ने मामा-मामी का कत्ल कर दिया। उसने जायदाद के लालच में तलवार से बड़ी बेरहमी से घर में सो रहे मामा-मामी की जान ले ली।
पुलिस ने कातिल भांजे को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
जानकारी के अनुसार गांव चक्कर निवासी अवतार सिंह की पत्नी वीरपाल कौर को बच्चा न होने पर अवतार ने वर्षों पहले अपनी बहन का पुत्र पलविंदर सिंह निवासी गालिबकलां गोद लिया था।
पलविंदर सिंह उस समय मात्र छह महीने का था। पलविंदर को मामा-मामी ने पुत्र की तरह पाला था। पलविंदर की मामी चाहे उसे अपने पुत्र की तरह मानती थी, लेकिन उसमें खुद मां बनने की इच्छा अभी भी थी।
इसका पलविंदर को पता चल गया और उसने कई बार मामा-मामी से इस बात को लेकर झगड़ा भी किया।
बुधवार मध्य रात्रि करीब एक बजे पलविंदर सिंह पहली मंजिल से तलवार लेकर नीचे कोठी की लाबी में सो रहे मामा-मामी पास आ गया और बेरहमी से दोनों पर तलवार से कई वार करके कत्ल कर दिया।
देर रात सूचना मिलते ही एसपी (डी) हरजीत सिंह पन्नू के नेतृत्व में कई उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे।
पुलिस के पहुंचते ही जांच टीम को इस कत्लेआम में भांजा ही दोषी है, यह पता करने को ज्यादा समय नहीं लगा। पुलिस ने आरोपी भांजे पलविंदर को जिस तलवार साथ कत्लेआम को अंजाम दिया था, उसके सहित काबू कर लिया।
लेकिन पुलिस अधिकारी आरोपी की गिरफ्तारी की फिलहाल पुष्टि नहीं कर रहे।
डीएसपी सुरिंदर कुमार ने बताया कि इस मामले में आरोपी पलविंदर सिंह मामी की औलाद प्राप्ति को इलाज करवाने से खफा था।
उसने मामा-मामी और नानी की करीब चार एकड़ जमीन पर हक खत्म हो जाने के डर से उनका कत्ल कर दिया। मृतक के सांडू बंत सिंह निवासी शेरो (संगरूर) के बयान पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।