यूक्रेन में फंसे फिरोजपुर के कई बच्चे।
- फोटो : प्रतीकात्मक
यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गए जिला फिरोजपुर के दस विद्यार्थियों का अपने परिजनों से कहना है कि अब लगता है घर वापसी नहीं होगी। क्योंकि यूक्रेन में रूस की सेना विद्यार्थियों से पासपोर्ट लेकर फाड़ने और उन्हें मारने पर तुली है।
छात्रा सौम्या के परिजनों का कहना है कि पिछले साल ही उनकी बेटी खारकीव में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गई थी। इस समय उसने हॉस्टल के बेसमेंट में पनाह ली हुई है। बेटी ने कॉल कर बताया कि उनका खारकीव से किसी भी देश के बॉर्डर तक पहुंचना मुश्किल है, क्योंकि रूसी सेना ने सभी पुल ध्वस्त कर दिए हैं। जो छात्र बेसमेंट से बाहर निकलता है रूसी सैनिक उनका पासपोर्ट लेकर फाड़ रहे हैं, उनके साथ मारपीट भी कर रहे हैं।
यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों का कहना है कि अब लगता है कि घर वापसी नहीं होगी। कॉल कर अपने परिजनों से उन्हें वहां से निकालने की बात कह रहे हैं, बच्चों का कहना है कि किसी भी नेता या केंद्र सरकार से गुहार लगाकर उन्हें खारकीव से निकलवाए। बच्चों को बिलखता हुआ देख मां-बाप भी रो रहे हैं। फिरोजपुर की सौम्या, साक्षी, रुचिका शर्मा, सोनिया, प्रकृति खारकीव में फंसी हैं। वहीं भटिया वाली बस्ती निवासी लुकस भट्टी, जीरा निवासी लवप्रीत सिंह, ममदोट के गांव हजारा सिंह वाला निवासी गुरविंदर सिंह समेत कई अन्य छात्र भी यूक्रेन से नहीं लौटे हैं। ये सभी बेसमेंट और बंकरों में पनाह लिए हुए हैं और इन्हें खाने पीने की वस्तुएं तक नहीं मिल रही है। पानी भी नहीं मिल रहा है। जिस जगह ये बैठे हैं वहां से बॉर्डर भी दूर है। रूसी सेना ने पुल व सड़कें ध्वस्त कर दी हैं।