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Manmohan Singh: छोटी बहन अमरजीत बोलीं- जब भी अमृतसर आते थे तो रिश्तेदारों को सर्किट हाउस बुला लेते थे

Sat, 28 Dec 2024 08:51 AM IST
नवीन दलाल महेश कुमार, कपूरथला

सार

अमरजीत कौर और उनके बेटे कंवरजीत सिंह ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह अपने सरल स्वभाव और जनहित कार्यों के लिए हमेशा देश के लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे। वहीं, अमरजीत कौर का कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं रहती।
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डॉ. मनमोहन सिंह - फोटो : ANI
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विस्तार
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कपूरथला में रह रहीं पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की छोटी बहन अमरजीत कौर के घर में गमगीन माहौल है। भाई की यादों को संजोए बहन की आंखों से बात-बात पर आंसू छलक आते हैं। वह बताती हैं कि मनमोहन जब भी अमृतसर आते थे, तो वहीं उनसे मुलाकात होती थी। क्योंकि हमारी बहुत बड़ी रिश्तेदारी थी, इसलिए वह सुरक्षा कारणों के चलते सभी के घर नहीं जा पाते थे। जब भी वे अमृतसर आते थे तो रिश्तेदारों को सर्किट हाउस बुलाते थे और वहीं मुलाकात होती थी। अमरजीत कौर के बेटे व पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के भांजे कंवरजीत सिंह भी बताते हैं कि वह कहना है कि सुरक्षा कारणों से उनसे वहीं मुलाकात होती थी।

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अमरजीत ने बताया कि डॉ. मनमोहन सिंह को मिलाकर वे कुल 10 भाई बहन हैं। अमरजीत कौर पांचवें नंबर में आती हैं। पूर्व पीएम की बहन अमरजीत कौर भी कुछ दिनों से बीमार चल रही हैं। स्वर्गीय पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर उनकी बहन अमरजीत कौर और उनका परिवार इस शोक की घड़ी में भावुक हैं। बहन का परिवार डॉ. मनमोहन सिंह की उपलब्धियों और उनके स्वभाव को याद कर उनको नमन कर रहे हैं। अमरजीत कौर ने बताया कि तीन से चार साल पहले आखिरी बार वह अपने भाई से मिली थी। इसके बाद उनकी मुलाकात नहीं हुई। जब उनके भाई डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, तब उन्हें भी केंद्र सरकार से सुरक्षा मिली हुई थी। मनमोहन सिंह 10 साल प्रधानमंत्री रहे। इन 10 वर्षों तक उनके घर पर भी सुरक्षा गार्ड तैनात रहते थे।

अंतिम संस्कार में नहीं जा पाने का अफसोस
अमरजीत कौर और उनके बेटे कंवरजीत सिंह ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह अपने सरल स्वभाव और जनहित कार्यों के लिए हमेशा देश के लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे। वहीं, अमरजीत कौर का कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं रहती। इस वजह से वह भाई के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सकीं। ऐसे में उनके बच्चे शनिवार को होने वाले अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए आज ही दिल्ली जा रहे हैं।

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