राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरोध में युवा कांग्रेसियों ने मंगलवार सुबह मिनी सचिवालय स्थित डीसी दफ्तर का घेराव किया। कांग्रेसियों ने मिनी सचिवालय में पुलिस द्वारा बनाए चार बैरियर तोड़ दिए, लेकिन इसके बाद वह आगे नहीं बढ़ पाए और डीसी को ज्ञापन नहीं दे पाए।
डीसी दफ्तर पहुंचने की जद्दोजहद में कार्यकर्ताओं और पुलिस में धक्कामुक्की भी हुई। पुलिस ने लाठियों से कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस कांग्रेसियों को काबू करके बस में बिठाकर थाना मेहरबान ले गई, जहां से कुछ देर बाद सभी को रिहा कर दिया गया।
युवा वर्करों को रोकने के लिए पुलिस के साथ जोर आजमाइश में लुधियाना युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष सन्नी कैंथ के हाथ पर चोट भी आई। इसके अलावा कुछ अन्य युवा वर्करों को भी हल्की चोट लगी। युवा वर्करों द्वारा पंजाब सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ बादल सरकार धक्केशाही बंद करो, नशे का कारोबार बंद करो जैसे नारे लगाए।
इस दौरान पूर्व जिला कांग्रेेस प्रधान पवन दीवान, हलका पूर्वी के इंचार्ज गुरमेल पहलवान समेत कई नेता मौजूद रहे। पवन दीवान, गुरमेल पहलवान और सन्नी कैंथ ने आरोप लगाया कि बीते 9 सालों का अकाली-भाजपा सरकार का शासनकाल पंजाब के इतिहास में सबसे काले दौर के रूप में याद किया जाएगा। राज्य में न सिर्फ उद्योग तबाह हो चुके हैं, बल्कि कृषि की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि हर रोज राज्य के किसी न किसी हिस्से में किसान आत्महत्या कर रहा है।
अपने अधिकारों के लिए मांग करने वालों पर पुलिस लाठियां बरसाती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि 2017 में कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनेगी। इस अवसर पर पार्षद हरजिंदर पाल सिंह लाली, वरिन्दर सहगल, गुरमुख सिंह, विक्रम पहलवान, पलविंदर सिंह, बलजिंदर सिंह बंटी और लक्की कपूर समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।