पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के माहिरों ने मालवा के कपास पट्टी के क्षेत्र में सफेद मक्खी के हमले से किसानों को पहले से सचेत रहने की अपील की।
उन्होंने कहा कि इसे काबू करने के लिए साझा यत्नों की जरूरत है। माहिरों के अनुसार पिछले साल हुए चिट्टी मक्खी के हमले के बाद यह मक्खी दूसरी फसलों पर पलती रही लेकिन कपास की इस अवस्था पर हुए हमले से डरने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि इसका कोई नुकसान नहीं है। इसे काबू करने के लिए यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों की ओर से हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
माहिरों के अनुसार समय-समय पर खेत का निरीक्षण, कीड़ों की रोकथाम और जरूरत के मुताबिक कीटनाशकों के इस्तेमाल से चिट्टी मक्खी को रोका जा सकता है। किसान को चाहिए कि जब उन्हें चिट्टी मक्खी के हमले संबंधी कोई शक हो तो वह जल्द पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी के केंद्रों और खेतीबाड़ी के माहिरों से संपर्क करें।