खन्ना। खन्ना नगर कौंसिल क्षेत्र में प्रस्तावित वार्डबंदी को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। पंजाब के पूर्व मंत्री गुरकीरत सिंह कोटली ने आम आदमी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि खन्ना में नियमों के अनुसार वार्डबंदी नहीं, बल्कि पाड़बंदी कराई जा रही है। उन्होंने प्रेस वार्ता में बताया कि म्युनिसिपल एक्ट के तहत वार्डबंदी केवल 15 साल पूरे होने के बाद की जा सकती है, जबकि खन्ना में अभी केवल 10 साल ही पूरे हुए हैं।
कोटली ने कहा कि कानून के अनुसार मतदाताओं की संख्या संतुलित करने के लिए सीमित बदलाव किए जा सकते हैं या नए जुड़े एरिया में ही बदलाव हो सकता है, लेकिन किसी गली को हटाकर दूसरी तरफ जोड़ना या वार्ड सीमाओं में मनमानी करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक फायदे के लिए वार्डों की सीमाओं में छेड़छाड़ कर रही है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरा है। पूर्व मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि खन्ना नगर कौंसिल में वार्डबंदी का पूरा और स्पष्ट नक्शा जल्द सार्वजनिक नहीं किया गया, तो इसके खिलाफ विस्तृत संघर्ष या कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार हमें आंदोलन के लिए मजबूर न करें, यदि आंदोलन हुआ तो इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार की होगी। इस अवसर पर कौंसिल प्रधान कमलजीत सिंह, पार्षद रविंद्र सिंह बबू, गुरमीत सिंह नागपाल, वेद प्रकाश, नरिंदर वर्मा, अमरीश कालिया, पूर्व कौंसिल प्रधान विकास मेहता और गुरदीप जोशी भी मौजूद थे।