कांग्रेस और भाजपा के विरोध के कारण विकास कार्यों को नहीं मिली मंजूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
नंगल। पंजाब की नगर परिषद नंगल की एक महत्वपूर्ण बैठक हंगामेदार रही। विरोधी दल कांग्रेस और भाजपा के विरोध के कारण शहर के 77.50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी नहीं मिल सकी। परिषद की चेयरपर्सन किरण बाला की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सभी 11 प्रस्ताव नामंजूर कर दिए गए।
कांग्रेस और भाजपा के पार्षदों ने बैठक में जोरदार हंगामा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें एजेंडे की प्रति समय पर नहीं मिली। पार्षदों ने यह भी शिकायत की कि उनके वार्डों के विकास कार्यों में उनकी सलाह नहीं ली जाती। 19 पार्षदों वाली इस परिषद में सत्ता पक्ष आम आदमी पार्टी के आठ, कांग्रेस के आठ और भाजपा के तीन पार्षद हैं। बैठक के दौरान कांग्रेस और भाजपा के पार्षद एकजुट नजर आए। यह गठजोड़ शहर में चर्चा का विषय बना रहा। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने शहर के विकास के लिए सहयोग की अपील की। बैठक का माहौल उस समय और तनावपूर्ण हो गया। भाजपा पार्षद रणजीत सिंह लक्की ने एजेंडे के विरोध को कार्रवाई में दर्ज करने की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी।
बैठक में वार्ड आठ से आम आदमी पार्टी की पार्षद कमला देवी और कांग्रेस की पार्षद सोनिया सैनी के बीच तीखी बहस हुई। यह विवाद व्यक्तिगत टिप्पणियों तक बढ़ गया। दोनों महिला पार्षदों के बीच जोरदार नोकझोंक हुई। इस घटना ने बैठक के तनावपूर्ण माहौल को और बढ़ा दिया।
कांग्रेस पार्षद लखवीर सिंह लक्की और भाजपा पार्षद रणजीत सिंह लक्की ने कहा कि वे शहर के विकास के लिए सहयोग को तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने सत्ताधारी पक्ष से विरोधी दल के पार्षदों को उचित मान-सम्मान देने की मांग की। बैठक के बाद आम आदमी पार्टी के नेता संजीव गौतम ने कहा कि सरकार शहर का विकास चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी दल विकास कार्यों को आगे नहीं बढ़ने देना चाहता।