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हाई स्कूल छतराड़ी: चार कमरों में पढ़ते हैं 200 बच्चे, छत पर होती है प्रार्थना

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उधमपुर। सरकारी हाई स्कूल छतराड़ी: संवाद
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-चार साल से स्कूल में प्रधानाचार्य नहीं,

-आंगन में लगानी पड़ती हैं कक्षाएं

-मौसम देखकर बच्चे आते हैं स्कूल

संवाद न्यूज एजेंसी

उधमपुर। डुडु ब्लॉक के सरकारी हाई स्कूल छतराड़ी में शिक्षा का आलम बेहद दयनीय है। इस स्कूल में 200 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है।
स्कूल में 11 कक्षाओं के लिए मात्र पांच कमरे हैं, जिसके कारण ज्यादातर कक्षाएं आंगन में लगती हैं। यह जम्मू कश्मीर का पहला स्कूल है जहां डोगरी में प्रार्थना होती है। शनिवार को संवाद रिपोर्टर की पड़ताल में स्कूल की ये कमियां सामने आईं।
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न खेल मैदान न बाउंड्री वॉल



स्कूल में न तो खेल मैदान है और न ही चहारदीवारी। इसके कारण बच्चों को खेलने के लिए जगह नहीं मिलती और स्कूल की सुबह की प्रार्थना सभा तक छत पर करनी पड़ती है।

स्कूल में कक्षाएं तो 11 लगती हैं मगर कमरे सिर्फ पांच हैं। एक कमरे में प्री-प्राइमरी और शेष चार कमरों में अन्य कक्षाएं संचालित की जा रही हैं । 6 कक्षाओं का संचालन स्कूल के आंगन में हो रहा है। बच्चे मौसम देखकर स्कूल आते हैं। बरसात के दिनों में तो बुरा हाल हो जाता है। स्कूल में खेल मैदान न होने के कारण खेल गतिविधियां ठप पड़ी हुई हैं। थोडा-बहुत जो भी अभ्यास होता है वह स्कूल की छत पर किया जाता है। इसके अतिरिक्त स्कूल में शिक्षकों के चार पद खाली हैं। हैरत की बात तो यह है कि इस स्कूल में चार साल से प्रिंसिपल ही नहीं है।



स्कूल की विशेषता


इसके बावजूद, यह स्कूल लोक कला के प्रोत्साहन में काफी आगे है। हाल ही में इस स्कूल ने ''मार्निंग असेंबली'' में डोगरी प्रार्थना शुरू की है। छतराड़ी हाईस्कूल डोगरी में प्रार्थना कराने वाला जम्मू कश्मीर का पहला स्कूल है। यह डोगरी प्रार्थना स्कूल शिक्षक अरविंद ब्राह्मणु ने लिखी है। इसे काफी पसंद किया जा रहा है।

स्कूल प्रबंधन की मांग
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि अगर स्कूल में इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी दूर हो जाय तो इसका प्रदर्शन और भी शानदार हो सकता है। स्कूल के पास अपनी 3.15 एकड़ जमीन उपलब्ध है, लेकिन सीढ़ीनुमा होने के कारण स्कूल में खेल मैदान की सुविधा नहीं मिल पा रही है। अगर इस जमीन का समतलीकरण हो जाय तो कमरों के निर्माण के साथ खेल आदि गतिविधियों के लिए जगह भी पर्याप्त मिल जाए।
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शिक्षा विभाग की कार्रवाई



डिप्टी सीईओ कल्पना जसरोटिया ने कहा कि स्कूलों में जो भी कमियां हैं उनको दूर करने के लिए शिक्षा विभाग की तरफ से लगातार प्रयास जारी हैं। स्कूल प्रबंधन को चाहिए कि वह स्कूल में सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव भेजे। हम उसके अनुरूप कार्रवाई करेंगे और इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराएंगे।



बॉक्स 000
भारतीय राष्ट्रीय भवन संहिता (एनबीसी) के मानक:
- कक्षाओं का आकार प्रति छात्र 2-2.5 वर्ग मीटर होना चाहिए।

- कक्षाओं की ऊंचाई कम से कम 3 मीटर होनी चाहिए।

- गलियारों की चौड़ाई कम से कम 1.8 मीटर होनी चाहिए।

- शौचालयों की संख्या प्रति 15 छात्रों पर 1 शौचालय होनी चाहिए।
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