मोगा में केंद्रीय गोदाम निगम में हुए घोटाले को वीरवार रात छुपाने की कोशिश की गई। स्टाक में अदला-बदली की जा रही थी।
गोदामों से गायब हुए चावल की जगह नई बोरियां रखने जा रहे थे। पर इसकी भनक लगने से घोटाले पर पर्दा डालने का प्रयास सफल नहीं हो पाया। आरोपी चावल से लदी ट्रैक्टर-ट्राली छोड़कर फरार हो गए।
केंद्रीय गोदाम निगम में करीब एक सप्ताह पहले हुए 80 लाख रुपये के चावल घोटाले की जांच चल रही है। सीनियर अधिकारी गोदामों की जांच में जुटे थे।
दूसरे गोदामों से स्टाक अदला-बदली कर गोदाम में कमी दूर करने की कोशिश हुई। पर जांच टीम को भनक लगते ही वे चावल बोरियों से लदी ट्रैक्टर ट्राली खड़ी कर भाग गए।
निगम के सीनियर अधिकारी एवं विजिलेंस टीम ने शुक्रवार की सुबह थाना सिटी में घटना के बारे में जानकारी दी। पुलिस ने चावल बोरियों से लदी ट्रैक्टर ट्राली कब्जे में ले ली है। इस घटना के बाद केंद्रीय गोदाम निगम के मुलाजिमों पर शक की सुई घूम रही है।
80 लाख के घोटाले की चल रही है जांच
केंद्रीय गोदाम निगम के सीनियर अधिकारी ने 25 अक्तूबर को गोदाम से 80 लाख रुपये के चावल गायब पाए जाने पर थाना सिटी पुलिस ने मैनेजर कुलवंत सिंह, गोदाम इंचार्ज कर्म सिंह निवासी मोगा और मंगल सिंह निवासी अजीतवाल के खिलाफ केस दर्ज किया था। उसके बाद विभाग की पांच सदस्यीय टीम मोगा पहुंचकर गोदाम में लगे स्टाक की जांच कर रही है।
सात हजार बोरियां हुई हैं गायब
केंद्रीय गोदाम निगम ने 23 अक्तूबर को मोगा स्थित निगम के गोदामों में चावलों के स्टाक की जांच के दौरान यह घोटाला पकड़ा था। स्टाकमें से 50 किलो वजन की सात हजार बोरी चावल खुर्दबुर्द किया है।