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लुधियाना में जाम से लोग हलकान: फील्डगंज में एक किमी का सफर तय करने में छूटते हैं पसीने, एंबुलेंस भी फंसती हैं

Wed, 19 Nov 2025 09:42 AM IST
निवेदिता वर्मा विकास मल्होत्रा/अश्वनी धीमान, संवाद, लुधियाना

सार

जगरांव पुल से सिविल अस्पताल के बीच एक किलोमीटर की दूरी होगी। अगर फील्डगंज मुख्य रोड पर जाम लग जाए तो एंबुलेंस को भी एक किलोमीटर का रास्ता तय करने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है।
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लुधियाना में ट्रैफिक - फोटो : संवाद
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विस्तार
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लुधियाना में ट्रैफिक की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। जगरांव पुल से रेलवे स्टेशन के बाद घंटाघर से रेखी सिनेमा चौक तक के हालात लोगों को बताए गए। अब शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में गिने जाने वाले फील्डगंज का हाल भी यही है। 
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फील्डगंज इलाके में महानगर का एक मात्र सरकारी सिविल अस्पताल भी है और देश के प्रमुख अस्पतालों में शामिल सीएमसी अस्पताल भी है। सेंट्रल के विधायक अशोक पराशर पप्पी के साथ साथ सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर का घर भी इसी एरिया में है। इसके बाद भी इस इलाके में अभी तक ट्रैफिक की समस्या का हल नहीं हो पाया है। चौबीस घंटे में पचास के करीब एंबुलेंस निकलती है जो जगरांव पुल की तरफ से मरीजों को लेकर आती है और मरीजों को लेकर जाती है। उन्हें निकलने के लिए भी मशक्कत करनी पड़ती है। 

जगरांव पुल से सिविल अस्पताल के बीच एक किलोमीटर की दूरी होगी। अगर फील्डगंज मुख्य रोड पर जाम लग जाए तो एंबुलेंस को भी एक किलोमीटर का रास्ता तय करने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। मार्केट में खरीदारी करने आने वाले लोगों को अपने वाहन खड़े करने के लिए पार्किंग नहीं मिलती। वह दुकानों के बाहर वाहन खड़ा करते है जिस कारण जाम लगता है।
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दुकानों के बाहर दुकानदारों द्वारा किया गया अतिक्रमण भी जाम का मुख्य कारण है। कुछ समय पहले सीनियर डिप्टी मेयर की तरफ से अतिक्रमण हटवाया गया था। मगर उसके बाद भी वहीं हाल हो गया। अगर दिन के समय रोड पर जाम लग गया तो एक से डेढ़ घंटा वाहन या फिर एंबुलेंस को निकलने में लग जाता है। 

ग्रीन कॉरिडोर बने 

इलाके में रहने वाले और जामा मस्जिद के मुस्तीम अंसारी ने बताया कि इलाके में जाम की समस्या काफी समय से है। उसका मुख्य कारण इलाके में लगने वाली अवैध रेहड़ियों और दुकानदारों द्वारा किया जाने वाला अतिक्रमण है। पहले भी कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत की गई है और कई रास्ते निकालने की कोशिश की गई। मगर दुकानदारों द्वारा कुछ समय बाद फिर से अतिक्रमण कर लिया जाता है। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा परेशानी एंबुलेंस को होती है। शहर का सबसे बड़ा सरकारी सिविल अस्पताल भी इसी इलाके में है और सीएमसी अस्पताल भी इसी इलाके में है। चौबीस घंटे में पचास से ऊपर एंबुलेंस निकलती है। अगर जगरांव पुल की तरफ से आते हुए अगर एंबुलेंस जाम में फंस गई तो उसे एक घंटे से ऊपर तक का समय लग जाता है और वह अस्पताल पहुंचते है। तब तक एंबुलेंस में बैठा मरीज अपनी जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ता है। कई लोगों की जान इस ट्रैफिक जाम की वजह से गई होगी। 

उन्होंने कहा कि प्रशासन को एरिया में ट्रैफिक जाम का हल करना चाहिए। प्रशासन को चाहिए कि सड़क के बीच एक पुल का निर्माण किया जाना चाहिए जो सीधे सिविल अस्पताल के पास उतरे और उस पुल के ऊपर सिर्फ एंबुलेंस चलनी चाहिए। या फिर प्रशासन ग्रीन कॉरिडोर बना दे जिसमें सिर्फ एंबुलेंस को ही रास्ता मिले ताकि लोगों की जिंदगी बचाई जा सके। 




मुस्तकीम अंसारी ने कहा कि रविवार को वाहन तो छोड़ो पैदल निकलने के लिए भी रास्ता नहीं मिलता जिस कारण लोगों को कई घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ता है। 

प्रशासन करे कार्रवाई तो देंगे साथ

दुकानदार परमिंदर सिंह ने बताया कि इलाके में पार्किंग की समस्या बड़ी है। पार्किंग के लिए कोई जगह नहीं है। बाहर से खरीदारी करने आने वाला व्यक्ति बीच सड़क में ही वाहन पार्किंग कर देता है। जिस कारण जाम लग जाता है। दूसरा कारण है दुकानदारों द्वारा किया गया अतिक्रमण और अवैध रुप से लगने वाली रेहड़ियां। परमिंदर सिंह ने कहा कि ई रिक्शा तो इतने ज्यादा बढ़ गए है कि अगर कोई दुकानदार उन्हें साइड पर करने को कह दे तो वह झगड़े पर उतर आते हैं। जिस कारण लोग कुछ बोलते नहीं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस एरिया से एंबुलेंस ज्यादा निकलती है जिस कारण ट्रैफिक जाम की समस्या हर हाल में हल होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को दरकिनार कर दुकानदार भी सिर्फ अपना फायदा देखते है और अतिक्रमण करते है। प्रशासन अगर इन अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करे तो कई दुकानदार साथ देंगे। 
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