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पंजाब को सूट नहीं कर रही मोदी सरकार की किसान स्कीमें

Fri, 27 May 2016 09:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
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लुधियाना में केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह के साथ बैठे कृषि मंत्री तोता सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और किसान ई-ट्रेडिंग योजना को पंजाब सरकार ने फिलहाल लागू नहीं किया है। पंजाब के कृषि मंत्री तोता सिंह का कहना है कि हर राज्य की जमीनी हकीकत अलग है, उसी को ध्यान में रख कर नीतियां बनानी होंगी, तभी किसानों को असल लाभ मिल सकता है।
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फसल बीमा योजना को लेकर सूबा सरकार ने केंद्र को सुझाव भेजे हैं। किसानों की आत्महत्याओं पर तोता सिंह ने कहा कि आत्महत्याएं एक दिन में ही शुरू नहीं हुईं। उन्होंने कहा कि सत्तर फीसदी से अधिक छोटे किसान आत्महत्याएं कर रहे हैं, क्योंकि उनकी आमदनी कम और खर्च ज्यादा है और कर्ज का बोझ भी अधिक है। 

तोता सिंह ने कहा कि 1961 में गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 76 रुपये प्रति क्विंटल था, तब से अब तक एमएसपी में केवल बीस गुना इजाफा ही हुआ है, जबकि लागत सौ गुना तक बढ़ गई है। कृषि मंत्री तोता सिंह शुक्रवार को केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह के साथ लुधियाना पहुंचे थे। 
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किसान के लिए ई-ट्रेडिंग पर तोता सिंह ने कहा कि पंजाब और हरियाणा में एमएसपी पर गेहूं एवं धान की फसल खरीदी जाती है। जहां एमएसपी नहीं है किसान को फसल का पूरा मूल्य नहीं मिल रहा है। हालत यह है कि यूपी का किसान पंजाब में आकर धान बेच जाता है। एफसीआई भी पंजाब में खरीद से निकलना चाहती है। उनका दावा है कि ई-ट्रेडिंग पर किसान को फसल का बेहतर मूल्य नहीं मिलेगा।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर तोता सिंह ने कहा कि इस स्कीम के तहत पूरे गांव को स्कीम लेनी होगी। यह शर्त मंजूर नहीं है। जो किसान चाहे वह स्कीम ले सकता है, इसका विकल्प मिलना अनिवार्य है। दूसरे बीमा योजना में दस फीसदी से ज्यादा नुकसान पर ही मुआवजा मिलेगा।

तोता सिंह ने कहा कि पंजाब के किसान का पिछले बीस साल में दस फीसदी से अधिक नुकसान हुआ ही नहीं है। 1988 में जब पंजाब में भयंकर बाढ़ आई थी तब केवल नौ फीसदी से कुछ अधिक नुकसान हुआ था। ज्यादातर नुकसान दो से पांच फीसदी के बीच ही रहता है। ऐसे में पंजाब के किसान को इस स्कीम का लाभ नहीं होगा।

सूबे में 1.05 करोड़ एकड़ जमीन पर कृषि कर रहे किसानों पर प्रीमियम का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। पंजाब सरकार का सुझाव है कि दस फीसदी की शर्त को खत्म किया जाए। तोता सिंह ने कहा कि इन मुद्दों को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्रालय से बातचीत की जा रही है। 
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