भवानीगढ़ के नजदीकी गांव बालदखुर्द के आदर्श स्कूल के दो अध्यापकों की बदली करने के विरोध में स्कूल के अध्यापकों ने शुक्रवार को स्कूल मैनेजमेंट के खिलाफ रोष प्रदर्शन करते हुए धरना लगा दिया। इसी दौरान तीन अध्यापक हाथों में पेट्रोल की बोतलें लेकर पानी वाली टंकी पर चढ़ गए। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई।
प्रदर्शनकारी अध्यापक प्रदीप सिंह तथा सलीम मोहम्मद ने कहा कि स्कूल की कंपनी ने उन्हें बिना कोई नोटिस दिए उनकी रिहाइश से तकरीबन सौ से डेढ़ सौ किलोमीटर दूर उनकी बदली कर दी गई। जबकि पिछले समय कंपनी के अधिकारियों ने अध्यापकों को भरोसा दिया था कि किसी भी अध्यापक की बदली नहीं की जाएगी। अध्यापकों का कहना था कि देश में कोरोना महामारी के कारण सरकार ने मुलाजिमों को घरों या दूरदराज ड्यूटियां करने से रोका है, फिर भी कंपनी ने सभी नियमों को ठेंगा दिखाते हुए उनकी बदली करके एक मई को नई जगहों पर उपस्थित होने के फरमान जारी कर दिए। इसके विरोध में अध्यापक स्टाफ तकरीबन पिछले एक सप्ताह से इन नाजायज बदलियों के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन स्कूल मैनेजमेंट द्वारा उनकी कोई भी सुनवाई नहीं की गई। इस मौके पर डीएसपी सुखराज सिंह घुम्मन ने कहा कि अध्यापकों को संघर्ष का ऐसा रास्ता अपनाने से पहले यह मसला प्रशासन अथवा डीसी संगरूर के ध्यान में लाना चाहिए था, फिर भी उन्होंने प्रदर्शनकारी अध्यापकों को मसले का हल करवाने का भरोसा दिया है और टंकी से नीचे उतरने की अपील की है। शाम को भरोसा मिलने के बाद अध्यापक पानी की टंकी से नीचे उतर आए।
दूसरी तरफ, स्कूल के प्रिंसिपल वेदव्रत पलाह ने कहा कि बदली हुए दोनों अध्यापक बहुत तजुर्बेकार हैं और पिछले समय से बढ़िया सेवाएं दे रहे हैं। अध्यापकों की बदली करने का फैसला कंपनी की मैनेजमेंट का है। अध्यापकों के विरोध संबंधी उन्होंने कंपनी के उच्चाधिकारियों को ईमेल के जरिये सूचित किया गया, जिसका अभी तक जवाब नहीं आया।
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फोटो : 30एसजीआरपी 01- भवानीगढ़ के गांव बालदखुर्द में पानी की टंकी पर चढ़े अध्यापक।